घूसखोर पटवारी एसीबी के जाल में : जमीन बंटवारे के बदले मांग रहा था रिश्वत

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को बेमेतरा जिले के साजा तहसील क्षेत्र में एक पटवारी को रंगे हाथों घूस लेते हुए पकड़ा गया। आरोपी पटवारी, जिसका नाम ओमकार सोनवानी है, एक किसान से उसके भूमि विभाजन और ऋण पुस्तिका तैयार करने के नाम पर पैसों की मांग कर रहा था।
इस तरह बिछाया गया जाल
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित किसान नरोत्तम साहू ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया। नरोत्तम के अनुसार, पटवारी उनकी जमीन का बटांकन (खाता विभाजन) करने के लिए 25 हजार रुपये की रिश्वत पर अड़ा हुआ था। पीड़ित रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने सीधे एसीबी से संपर्क कर मामले की शिकायत कर दी।
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने गोपनीय तरीके से मामले की जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। मोलभाव के दौरान आरोपी पटवारी पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये लेने को तैयार हो गया। इसके तुरंत बाद एसीबी ने उसे दबोचने के लिए जाल बिछाया।
रंगे हाथों गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
तय रणनीति के तहत सोमवार को जैसे ही नरोत्तम साहू ने पटवारी ओमकार सोनवानी को केमिकल युक्त 15 हजार रुपये सौंपे, वैसे ही पहले से तैयार एसीबी की टीम ने छापा मारकर उसे रंगे हाथों दबोच लिया। मौके से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई है।
कानूनी कार्रवाई: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत आरोपी पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इस औचक कार्रवाई के बाद से स्थानीय राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप का माहौल है।
















