छत्तीसगढ़

औचक निरीक्षण : रायपुर तहसील कार्यालय पहुंचे राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने अचानक रायपुर तहसील और नए संभाग आयुक्त कार्यालय का दौरा किया। मंत्री के इस औचक निरीक्षण से दफ्तर में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। निरीक्षण के दौरान आम लोगों से जुड़े जमीन और राजस्व के मामलों में देरी और ढिलाई देखकर मंत्री ने सख्त नाराजगी जताई।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और त्रुटि सुधार जैसे जनता से सीधे जुड़े संवेदनशील मामलों में किसी भी तरह की लेत-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जमीन के डायवर्सन (व्यपवर्तन) के मामलों में बेहद सुस्त रफ्तार पाए जाने पर मंत्री ने रायपुर के एसडीएम (SDM) की क्लास लगाई और काम में तेजी लाने की हिदायत दी।

दफ्तरों की स्वच्छता और फाइलों के रख-रखाव पर जोर

दौरे के दौरान मंत्री ने कार्यालय के कमरों और परिसर की साफ-सफाई का भी मुआयना किया। जगह-जगह बिखरी गंदगी और फाइलों के बेतरतीब रख-रखाव पर उन्होंने असंतोष जताया। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि सरकारी दस्तावेजों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से रखा जाए, साथ ही दफ्तर आने वाले आम नागरिकों के बैठने के लिए उचित व स्वच्छ स्थान की व्यवस्था की जाए।

अदालतों और विभिन्न विभागों की सघन जांच

तहसील कार्यालय की जमीनी हकीकत जानने के लिए राजस्व मंत्री खुद भुइयां, कानूनगो, डब्लूबीएन (WBN) और मालजमादार जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं में गए। इसके अलावा उन्होंने तहसीलदार और नायब तहसीलदार के कोर्ट का भी बारीकी से निरीक्षण किया।

न्यायालयीन कामकाज की समीक्षा करते हुए उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:

“राजस्व अदालतों में सुनवाई नियमित रूप से होनी चाहिए। दूर-दराज से आने वाले ग्रामीण सुबह से शाम तक दफ्तरों में बैठे रहते हैं और बिना सुनवाई के उन्हें अगली तारीख दे दी जाती है। जनता को इस तरह परेशान करने का रवैया अब नहीं चलेगा।”

पेंडिंग केसों को जल्द से जल्द खत्म करने का टारगेट

निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि तहसील में दर्ज कुल 65,390 मामलों में से 64,702 का निपटारा किया जा चुका है और अब केवल 688 मामले ही बचे हैं। इस पर मंत्री ने बचे हुए सभी लंबित प्रकरणों को तय समय के भीतर निपटाकर पेंडेंसी को पूरी तरह शून्य करने का लक्ष्य दिया।

नागरिकों की समस्याएं सुनीं, संभाग आयुक्त को रोडमैप बनाने के निर्देश

मंत्री ने केवल फाइलों की जांच नहीं की, बल्कि परिसर में मौजूद आम जनता के पास जाकर उनसे सीधे बातचीत की। उन्होंने लोगों की शिकायतें सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तुरंत उनके समाधान के आदेश दिए।

इसके बाद मंत्री नवीन संभाग आयुक्त कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कामकाज में कसावट लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संभाग आयुक्त को जिम्मेदारी सौंपी कि वे संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों में राजस्व संबंधी कार्यों की प्रगति की निगरानी करें और इसके लिए एक व्यावहारिक रोडमैप तैयार करें।

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