छत्तीसगढ़ ‘अंज़ोर विजन डॉक्यूमेंट’: 2047 तक प्रदेश को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने की पहल : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने साइंस कॉलेज परिसर में आयोजित लघु उद्योग भारती के 14वें ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर’ को संबोधित करते हुए राज्य की भावी आर्थिक नीतियों पर बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगा।
‘अंज़ोर विजन डॉक्यूमेंट’ से तय होगा विकास का सफर
वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में योजना विभाग ने ‘छत्तीसगढ़ अंज़ोर विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है। 2047 के दूरगामी लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने 2030 और 2035 के मध्यकालिक व वार्षिक चरणबद्ध लक्ष्य निर्धारित किए हैं, ताकि नीतियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
दीर्घकालिक नीतियां और संरचनात्मक सुधार
विगत दशकों की आर्थिक नीतियों और 1991 के संकट का जिक्र करते हुए ओ.पी. चौधरी ने कहा कि टिकाऊ विकास के लिए अल्पकालिक योजनाओं के बजाय भविष्योन्मुखी नीतियों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सौर ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और रणनीतिक क्षेत्रों में किया जा रहा निवेश भावी पीढ़ियों के लिए मजबूत अर्थव्यवस्था का निर्माण करेगा।
रोजगार सृजन में एमएसएमई की भूमिका
उन्होंने कहा कि यद्यपि सर्विस सेक्टर का विस्तार हुआ है, लेकिन बड़े पैमाने पर रोजगार देने के लिए लेबर-इंटेंसिव मैन्युफैक्चरिंग और सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (MSMEs) को प्रोत्साहन देना अनिवार्य है। छोटे उद्योग न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करते हैं बल्कि आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को भी सुदृढ़ बनाते हैं। राज्य सरकार प्रदेश में स्टार्टअप्स, निवेश और औद्योगीकरण के लिए अनुकूल वातावरण बनाने हेतु प्रतिबद्ध है।
















