नक्सल मुद्दे पर आमने-सामने : डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने भूपेश बघेल को दी खुली बहस की चुनौती

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों ‘बहस की राजनीति’ गरमाती नज़र आ रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बहस में घेरने के बाद, प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने उन्हें नक्सलवाद के विषय पर एक बार फिर बहस का खुला निमंत्रण दिया है।
झीरम घाटी मामले में आए हालिया अदालती फैसले के बाद से ही कांग्रेस और पूर्व सीएम लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। इस पर पलटवार करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि यदि भूपेश बघेल को इस मुद्दे पर बहस करनी है, तो वे पूरी तैयारी के लिए एक महीने का समय ले सकते हैं।
न्याय की परिभाषा स्पष्ट करे कांग्रेस
गृहमंत्री ने कांग्रेस की बयानबाजी पर तंज कसते हुए कहा कि गैर-ज़रूरी और सतही बयानों से कोई नतीजा नहीं निकलने वाला। नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहाने के बजाय कांग्रेस नेतृत्व को साफ करना चाहिए कि वे आखिर किस प्रकार के न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
‘5 साल सत्ता में रहकर भी नहीं दिए सबूत’
विजय शर्मा ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 5 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद भूपेश बघेल के पास से झीरम कांड से जुड़ा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि समय अब भी है; यदि कांग्रेस नेताओं या पूर्व मुख्यमंत्री के पास इस घटना से संबंधित कोई भी साक्ष्य मौजूद हैं, तो उन्हें बिना किसी देरी के राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप देना चाहिए।
















