छत्तीसगढ़ सरकार की योजना बनी संबल : पीड़ित परिवार को मिली 1 लाख रुपये की मदद

रायपुर। पति जितेन्द्र कुमार साहू के अचानक निधन के बाद ग्राम जंजगिरी की 52 वर्षीय उमा बाई साहू पर पारिवारिक और वित्तीय जिम्मेदारियों का भारी बोझ आ पड़ा था। आर्थिक तंगी के बीच उनके समक्ष अपनी तीन बेटियों की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने की गंभीर चुनौती थी।
इस विकट स्थिति में छत्तीसगढ़ सरकार की ‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु सहायता योजना’ परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हुई। स्वर्गीय जितेन्द्र कुमार साहू असंगठित खेतिहर मजदूर के रूप में पंजीकृत थे। इस श्रम कार्ड के आधार पर उमा बाई ने योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया, जिसके बाद श्रम विभाग द्वारा उन्हें 1 लाख रुपये की सहायता राशि सीधे प्रदान की गई। इस वित्तीय मदद से उन्हें बेटियों की पढ़ाई और घर के खर्चों को संभालने में बहुत संबल मिला।
प्रशासन से मिली इस मदद पर आभार व्यक्त करते हुए उमा बाई ने कहा कि पति के जाने के बाद वे बेटियों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री और शासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह जनकल्याणकारी योजना संकट के समय में श्रमिक परिवारों को वास्तविक सुरक्षा और सहारा प्रदान करती है।
















