छत्तीसगढ़

विकास, सुशासन और सुरक्षा के दम पर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ अब नक्सली समस्याओं के दौर को पीछे छोड़कर विकास, सुशासन, निवेश और आधुनिक तकनीक के नए युग में प्रवेश कर चुका है। राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित एक निजी होटल में आयोजित ‘नक्सलमुक्त विकासयुक्त छत्तीसगढ़@2047’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की भावी प्राथमिकताओं और प्राथमिक विकास योजनाओं पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘विकसित भारत@2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ अपनी सशक्त भूमिका निभाएगा।

नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार और बस्तर का कायाकल्प

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य की डबल-इंजन सरकार के समन्वय से नक्सल विरोधी अभियानों में ऐतिहासिक सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के साहस और समर्पण के बल पर राज्य में शांति बहाल हो रही है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में केवल सुरक्षा बल बढ़ाना ही सरकार का उद्देश्य नहीं है, बल्कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के जरिए आंतरिक गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। पूर्व में जहां ग्रामीणों को राशन लेने के लिए कई दिनों की पैदल यात्रा करनी पड़ती थी, अब प्रशासन खुद उनके दरवाजे तक पहुंच रहा है।

एजुकेशन सिटी और मेडिकल कॉलेज: दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में ‘एजुकेशन सिटी’ तथा गीदम में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दी गई है।

स्थानीय भाषाओं में शिक्षा: प्राथमिक स्तर पर बच्चों को उनकी मातृभाषा (गोंडी और हल्बी) में पढ़ाने का प्रबंध किया गया है।

सिंचाई परियोजनाएं: इंद्रावती नदी पर देऊरगांव और मटनार परियोजनाओं से बस्तर के करीब 80 हजार एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार किया जा रहा है।

सुरक्षा कैंप बने ‘सेवा डेरा’: सुरक्षा कैंपों को अब सेवा केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां स्थानीय युवाओं को रोजगार व कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा।

जन-कल्याण और बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण

आवास और महतारी वंदन: कैबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 11 लाख से अधिक मकान बन चुके हैं और प्रतिदिन 1,600 घरों का निर्माण जारी है। ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत राज्य की लाखों महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की वित्तीय सहायता दी जा रही है।

किसान समृद्धि: सरकार किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदारी कर रही है, जिससे राज्य के 75% छोटे और सीमांत किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।

सुशासन एवं एआई (AI) मिशन: पारदर्शी शासन प्रणाली के लिए छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ गठित किया गया है। आने वाले समय में राज्य के 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

₹8.25 लाख करोड़ का निवेश और नई औद्योगिक नीति

राज्य में पारदर्शी औद्योगिक नीति के बल पर छत्तीसगढ़ को लगभग सवा आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव (MoUs) प्राप्त हुए हैं।

भविष्य की तकनीक: नवा रायपुर में 100 एकड़ में ‘मेडिसिटी’ बनाई जा रही है, साथ ही सेमीकंडक्टर प्लांट और डेटा सेंटर जैसे आधुनिक उद्योगों की नींव रखी जा रही है।

वैश्विक इन्वेस्टर कनेक्ट: देश के महानगरों के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में भी छत्तीसगढ़ के औद्योगिक अवसरों को प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार, बेहतर जीवन स्तर और एक सुरक्षित, आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button