छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा : बिलासपुर बना 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का चैंपियन

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अवसर देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बिलासपुर में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश में हुनर की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और सुविधाएं देने की आवश्यकता है।
खेलों के विकास के लिए उठाए जा रहे कदम:
बजट और योजनाएं: मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के तहत इस वर्ष 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पोर्ट्स साइंस को मजबूत किया जाएगा।
प्रोत्साहन राशि: हाल ही में 29 अगस्त को राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 1.74 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई।
आगामी आयोजन: बंद हो चुके खेल अलंकरण पुरस्कारों को फिर शुरू किया गया है। वहीं, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में ‘छत्तीसगढ़ हॉकी लीग’ का आयोजन प्रस्तावित है।
अन्य पहल: राज्य में बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के आयोजन के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को ‘खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स’ की मेजबानी भी मिली है।
बिलासपुर संभाग का दबदबा:
चार दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में बेसबॉल, तैराकी और वाटर पोलो जैसी स्पर्धाएं आयोजित की गईं, जिसमें प्रदेश के 5 संभागों से 845 खिलाड़ियों और 150 से अधिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। शानदार प्रदर्शन करते हुए बिलासपुर संभाग ने 3800 अंक हासिल कर ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया।
समारोह के दौरान विधायक अमर अग्रवाल और धरमलाल कौशिक ने भी खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया और जीवन में खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
















