छत्तीसगढ़

सरदार पटेल की जयंती पर मुख्यमंत्री साय की श्रद्धांजलि, ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को दोहराया

रायपुर। स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री और ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें नमन किया। राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश के प्रति उनके ऐतिहासिक कार्यों को याद किया।

रियासतों का एकीकरण और अखंड भारत का निर्माण

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आजादी के बाद देश की सैकड़ों रियासतों को एक साथ जोड़कर अखंड भारत का ढांचा तैयार करने में सरदार पटेल की निर्णायक भूमिका रही। उनके अदम्य साहस, कुशल रणनीति और मजबूत इच्छाशक्ति के कारण ही देश भौगोलिक और राजनीतिक रूप से एक सूत्र में बंध सका। राष्ट्र निर्माण में उनका यह योगदान अमर रहेगा।

आदर्श जीवन और अटूट समर्पण

सरदार पटेल के जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका पूरा जीवन राष्ट्र सेवा, अनुशासन और जनहित के लिए समर्पित था। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में भी देशहित को सबसे ऊपर रखा। उनका व्यक्तित्व आज की पीढ़ी को यह सिखाता है कि एकजुटता और दृढ़ निश्चय से किसी भी बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।

‘विकसित भारत’ की दिशा में कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार सरदार पटेल के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के सपने को पूरा करने के लिए निरंतर काम कर रही है। देश आज सुशासन, प्रगति और आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, जिसमें सरदार पटेल के विचार हमारा मार्गदर्शन करते हैं।

एकता और सामाजिक समरसता का आह्वान

राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने राज्य के नागरिकों से सरदार पटेल के सिद्धांतों पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी असली ताकत है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ को एक सशक्त और समृद्ध राज्य बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि देश के विकास में राज्य अपना पूरा योगदान दे सके।

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