छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री साय ने श्रमिकों के साथ चखा पारंपरिक ‘बोरे-बासी’ का स्वाद, समस्याओं पर लिया तुरंत एक्शन

कबीरधाम। ‘सुशासन तिहार’ के उपलक्ष्य में कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में एक प्रेरक दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने औचक निरीक्षण के दौरान जब निर्माणाधीन पंचायत भवन पहुंचे, तो उन्होंने अधिकारियों से ऊपर उठकर आम श्रमिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।

श्रमिकों के साथ जमीन पर बैठकर किया भोजन

निरीक्षण के दौरान वहां काम कर रही महिला श्रमिकों ने बड़े स्नेह के साथ मुख्यमंत्री को अपने दोपहर के भोजन का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने इस सादगी भरे आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया। वे जमीन पर श्रमिकों के बीच बैठ गए और उनके टिफिन से ही पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन—बोरे-बासी, चना और चरोटा भाजी, मुनगा बड़ी और आम की चटनी का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि यह भोजन उनकी संस्कृति और संस्कारों के बेहद करीब है।

योजनाओं की हकीकत को समझा

भोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल खाना ही नहीं खाया, बल्कि श्रमिक महिलाओं से सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत भी जानी। उन्होंने महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को लेकर महिलाओं से फीडबैक लिया, ताकि यह पता चल सके कि इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं।

पेयजल की समस्या का त्वरित समाधान

संवाद के दौरान महिलाओं ने पहाड़ी क्षेत्र में पानी की किल्लत का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में हैंडपंप सूख जाने से भारी परेशानी होती है। इस समस्या को मुख्यमंत्री ने अत्यंत गंभीरता से लिया और मौके पर ही कलेक्टर को बुलाकर समाधान के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने जानकारी दी कि क्षेत्र के 26 गांवों के लिए पाइपलाइन के जरिए जल आपूर्ति की एक विशेष योजना तैयार है। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना को तुरंत मंजूरी देकर निर्माण कार्य शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से स्थायी राहत मिल सके। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सुशासन का असली उद्देश्य जन-समस्याओं का त्वरित निराकरण ही है।

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