छत्तीसगढ़

शिव महापुराण कथा का समापन : मुख्यमंत्री साय ने सपत्नीक की व्यासपीठ की पूजा, प्रदेश की शांति और खुशहाली की मांगी मन्नत

दुर्ग। भिलाई नगर के जयंती स्टेडियम के पास आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के अंतिम दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी पत्नी कौशल्या देवी साय के साथ पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान से व्यासपीठ का पूजन कर भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और नागरिकों के कल्याण के लिए प्रार्थना की।

कथा के मुख्य अंश और प्रमुख बातें

सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर: मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। इस्पात नगरी भिलाई में लगातार तीसरी बार शिव महापुराण कथा का आयोजन यहां के लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है।

प्राचीन शिवधामों का स्मरण: उन्होंने प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों का उल्लेख करते हुए बताया कि रायपुर के हटकेश्वर महादेव, कबीरधाम के भोरमदेव, राजिम के कुलेश्वर महादेव, चम्पारण के चम्पेश्वर महादेव, गरियाबंद के भूतेश्वर महादेव, सिरपुर के गंधेश्वर महादेव और जशपुर के मधेश्वर महादेव राज्य की आध्यात्मिक पहचान के मुख्य केंद्र हैं।

शक्तिपीठों का विकास: राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों (सूरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी, रतनपुर की मां महामाया, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी) को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

तीर्थ यात्रा योजनाएं: ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के तहत पात्र श्रद्धालुओं को देश के तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। साथ ही ‘श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के जरिए अब तक प्रदेश के 50 हजार से अधिक लोग अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

कार्यक्रम में कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। इस दौरान विधायक रिकेश सेन सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button