छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति : मुख्यमंत्री साय ने लॉन्च किया ‘सेवा सेतु’ पोर्टल

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सुशासन और डिजिटल सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित महानदी भवन से ‘सेवा सेतु’ पोर्टल का आधिकारिक शुभारंभ किया। यह पोर्टल ‘ई-डिस्ट्रिक्ट’ परियोजना का एक आधुनिक और उन्नत संस्करण है, जिसे आम जनता तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए तैयार किया गया है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
‘सेवा सेतु’ की मुख्य विशेषताएं और लाभ
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि राज्य अब 2003 के चॉइस मॉडल और 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्रशासन की ओर बढ़ चुका है। ‘सेवा सेतु’ की प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं:
एक ही पोर्टल पर 441 सेवाएं: अब नागरिकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीकरण जैसे 441 सरकारी कार्य एक ही जगह से होंगे।
व्हाट्सएप से आवेदन और सर्टिफिकेट: तकनीक को और सरल बनाते हुए अब व्हाट्सएप के जरिए भी सेवाओं की स्थिति जांची जा सकेगी और डिजिटल सर्टिफिकेट प्राप्त किए जा सकेंगे। फिलहाल 25 सेवाएं व्हाट्सएप पर उपलब्ध हैं, जिन्हें जल्द ही बढ़ाया जाएगा।
22 भाषाओं में उपलब्धता: ‘भाषिणी’ तकनीक के सहयोग से यह पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी समेत 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, ताकि भाषा किसी के लिए बाधा न बने।
सुरक्षित और डिजिटल भुगतान: पोर्टल में ट्रेजरी और ई-चालान का एकीकरण किया गया है, जिससे ऑनलाइन फीस भरना और रसीद प्राप्त करना आसान हो गया है। साथ ही, योजनाओं की राशि सीधे बैंक खातों (DBT) में जाएगी।
तकनीकी समावेश और पारदर्शिता
चिप्स (CHiPS) द्वारा संचालित इस परियोजना में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है:
आधार आधारित ई-केवाईसी: नागरिकों की पहचान सुरक्षित करने के लिए आधार और डिजी लॉकर का एकीकरण किया गया है।
QR कोड वेरिफिकेशन: जारी किए गए हर प्रमाण-पत्र को क्यूआर कोड के माध्यम से कहीं भी सत्यापित किया जा सकेगा।
जवाबदेही: लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत यदि काम समय पर नहीं होता, तो ऑटोमेटिक पेनल्टी और शिकायत दर्ज होने की व्यवस्था की गई है।
विस्तृत नेटवर्क
राज्य भर में नागरिक इन सेवाओं का लाभ 800 से अधिक लोक सेवा केंद्रों, 1000 चॉइस सेंटरों और 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) के माध्यम से उठा सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि यह ‘वन स्टॉप सॉल्यूशन’ न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगा, बल्कि सरकारी तंत्र और जनता के बीच की दूरी को भी खत्म करेगा। कार्यक्रम में मुख्य सचिव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
















