शून्य मलेरिया मृत्यु’ हमारा मुख्य ध्येय : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

बस्तर में बदला सेहत का मंजर : 34 लाख से अधिक लोगों का हुआ हेल्थ चेकअप
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के दूरदराज और संवेदनशील इलाकों तक बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं पहुंचाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। रायपुर में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के माध्यम से अब तक लगभग 34.29 लाख नागरिकों (लक्ष्य का 99%) की स्वास्थ्य जांच पूरी की जा चुकी है।
इस अभियान के जरिए मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का समय रहते निदान कर इलाज शुरू किया गया।
60,000+ गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया।
10,938 हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं को विशेष निगरानी और चिकित्सीय देखभाल दी गई।
मलेरिया पॉजिटिविटी रेट में भारी गिरावट, मैदानी अमला अलर्ट मोड पर
हाल के दिनों में मलेरिया के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, मितानिनें और एएनएम गांव-गांव जाकर जांच व जागरूकता अभियान चला रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि “हमारा एकमात्र लक्ष्य मलेरिया से होने वाली मौतों को शून्य पर लाना है।”
कड़े कदमों और रणनीतिक योजना के कारण बस्तर संभाग में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं:
पॉजिटिविटी दर: 4.60% से घटकर महज 0.48% पर आ गई है।
वार्षिक परजीवी सूचकांक (API): 5.21 से गिरकर 0.90 के स्तर पर पहुंच गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा सुधार
मातृ-शिशु सुरक्षा और 108 संजीवनी एक्सप्रेस का विस्तार
11.89 लाख संस्थागत प्रसव: बीते ढाई वर्षों में राज्य के अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में 11.89 लाख से ज्यादा सुरक्षित प्रसव कराए गए।
375 नई एम्बुलेंस: आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 375 नई संजीवनी एक्सप्रेस (108) बेड़े में शामिल की गई हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक लोगों को त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सेवा प्रदान की गई।
हब एंड स्पोक मॉडल से 1,051 केंद्रों में अत्याधुनिक पैथोलॉजी जांच
ग्रामीणों को बेहतर लैब टेस्ट की सुविधा देने के लिए HLL लाइफकेयर के सहयोग से 1,051 स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक पैथोलॉजी सेवाएं शुरू की गई हैं। आईटी-आधारित प्रणाली के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी समय पर सही रिपोर्ट मिल रही है।
सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में शुरू होंगे पैरामेडिकल कोर्स
प्रदेश के युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर देने और अस्पतालों को कुशल स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए राज्य के सभी 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
नकली व मिलावटी खाद्य पदार्थों पर कसता शिकंजा: ‘एनालॉग पनीर’ पर सख्त बैन
खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में ‘एनालॉग पनीर’ (वनस्पति तेल व रसायनों से बना सिंथेटिक पनीर) की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















