वीआईपी कल्चर छोड़ सादगी की राह पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी, अब नहीं दौड़ेगा गाड़ियों का काफिला

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सादगी और जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान से प्रेरित होकर, वित्त मंत्री ने फैसला किया है कि वे अब आम दिनों में पायलट और फॉलो (सुरक्षा प्रोटोकॉल) वाहनों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उनका यह निर्णय तब तक लागू रहेगा जब तक कि स्थितियां पूरी तरह सामान्य नहीं हो जातीं।
श्री चौधरी ने इस बात को साफ किया कि सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी या आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर, वे इस प्रोटोकॉल तामझाम से दूर रहेंगे।
जनता के पैसों की बचत और सादगी का संदेश
वित्त मंत्री के इस कदम को न केवल उनके सरल स्वभाव से जोड़कर देखा जा रहा है, बल्कि इसे सरकारी संसाधनों के समझदारी भरे उपयोग और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की एक बेहतरीन पहल माना जा रहा है। शासन-प्रशासन में इस तरह का निर्णय यह संदेश देता है कि जनप्रतिनिधि जनता की भावनाओं और देश के संसाधनों के प्रति कितने गंभीर हैं।
प्रधानमंत्री की सोच को बढ़ाया आगे
इस पहल पर बात करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से जनप्रतिनिधियों को सादगी अपनाने और राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखने की सीख देते आए हैं। उन्होंने आगे कहा:
“देश की भलाई के लिए उठाए गए ऐसे छोटे-छोटे कदम ही मिलकर एक बड़ा बदलाव लाते हैं। इससे न केवल शासन में अनुशासन आता है, बल्कि आम नागरिकों में भी जिम्मेदारी का भाव मजबूत होता है।”
यह फैसला यह साबित करता है कि जनता का प्रतिनिधि सचमुच जनता के बीच का ही एक हिस्सा है, न कि किसी खास वीआईपी दर्जे का हकदार।
















