व्यापार विहार के कमर्शियल एरिया में चल रही अवैध ऑयल रिफाइनिंग यूनिट में लगी आग, जाँच के आदेश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के व्यापार विहार इलाके से एक बड़े हादसे की खबर आई है, जहाँ शनिवार सुबह एक खाद्य तेल (एडिबल ऑयल) के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। सुबह करीब 9 बजे भड़की इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए दमकल विभाग की 6 गाड़ियों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। अग्निशमन कर्मियों को आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। राहत कार्य के दौरान गोदाम के भीतर तक पहुँचने के लिए दमकल कर्मियों को एक दीवार भी तोड़नी पड़ी।
शुरुआती जाँच में शॉर्ट सर्किट की आशंका
यह गोदाम तारबाहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ‘चौधरी एजेंसी’ का बताया जा रहा है। हालांकि आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट का मामला माना जा रहा है। इस हादसे में गोदाम में रखा लाखों रुपये का खाद्य तेल और अन्य कीमती सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया है।
रिहायशी और व्यापारिक क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन
हादसे के बाद इस गोदाम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गोदाम के अंदर तीन बड़े ऑयल टैंक स्थापित किए गए थे, जिनका उपयोग तेल की री-पैकिंग और प्रोसेसिंग के लिए किया जा रहा था। नियमों के मुताबिक, इस तरह के भारी औद्योगिक टैंक केवल ‘इंडस्ट्रियल एरिया’ में ही लगाए जा सकते हैं, न कि व्यापार विहार जैसे व्यावसायिक या रिहायशी इलाके में। इस सुरक्षा चूक और अवैध निर्माण पर कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार ने मामले की उच्च स्तरीय जाँच कराने की बात कही है।
करोड़ों के नुकसान का अनुमान
दूसरी ओर, चौधरी एजेंसी के संचालक नमिष कुमार अग्रवाल का कहना है कि जब हादसा हुआ तब वे वहां मौजूद नहीं थे और स्थानीय लोगों ने उन्हें इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक, गोदाम में करीब 2 करोड़ रुपये का स्टॉक रखा हुआ था। संचालक ने दावा किया है कि उनके पास व्यवसाय और भंडारण से जुड़े सभी आवश्यक लाइसेंस और दस्तावेज़ मौजूद हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन नुकसान के सटीक आंकलन और आग की वजहों की पड़ताल में जुटे हैं।
















