कवर्धा में लगा निःशुल्क कृत्रिम अंग शिविर : उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा—दिव्यांगों को स्वावलंबी बनाना प्राथमिक लक्ष्य

कबीरधाम। कबीरधाम जिले के कवर्धा स्थित पीजी कॉलेज डोम में बुधवार से चार दिवसीय विशाल निःशुल्क दिव्यांग सहायता शिविर का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने हितग्राहियों को कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को जीवन में दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है।
उम्मीद और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत
शिविर में ऐसे दृश्य देखने को मिले जिन्होंने सभी का दिल छू लिया। एक हादसे में अपने दोनों हाथ गंवा चुका व्यक्ति जब कृत्रिम हाथ की मदद से खुद पानी पीने में सफल हुआ, तो उसकी आँखों में राहत का भाव साफ नजर आया। वहीं, कृत्रिम पैर लगने के बाद एक अन्य हितग्राही ने परिसर में ही बाइक चलाकर अपने बढ़ते आत्मविश्वास का परिचय दिया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ये उपकरण सिर्फ शारीरिक सहारा नहीं हैं, बल्कि ये दिव्यांगजनों के मन में एक नया विश्वास जगाते हैं। उन्होंने शिविर के आयोजन में सहयोग दे रही ‘भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर’, ‘सकल जैन समाज’, ‘भारतीय जैन संगठन (छत्तीसगढ़)’ और जिला प्रशासन की सराहना की। राजस्थान से आई विशेषज्ञों की टीम शिविर स्थल पर ही दिव्यांगों के नाप के अनुसार कृत्रिम अंग तैयार कर फिटिंग कर रही है।
बस्तर के आईईडी पीड़ितों को भी मिलेंगे कृत्रिम अंग
उपमुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इसी तरह के शिविर जल्द ही जगदलपुर और दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों में भी आयोजित किए जाएंगे। बस्तर में नक्सलियों द्वारा किए जाने वाले आईईडी धमाकों के कारण दिव्यांग हुए ग्रामीणों को चिन्हित किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से जानकारी जुटाकर उन्हें भी कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे अपना जीवन दोबारा सामान्य तरीके से जी सकें।
कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ने की योजना
कार्यक्रम में मौजूद दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने बताया कि सरकार केवल उपकरण बांटने तक सीमित नहीं है। दिव्यांगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए रायपुर में एक विशेष कौशल विकास केंद्र स्थापित किया जा रहा है। यहाँ उन्हें डिजिटल मार्केटिंग, वित्तीय प्रबंधन और अन्य व्यावसायिक ट्रेडों की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही स्वरोजगार शुरू करने के लिए कम ब्याज दरों पर ऋण और सब्सिडी की सुविधा भी दी जाएगी।
26 सितंबर तक चलेगा आयोजन
23 से 26 सितंबर तक चलने वाले इस 4-दिवसीय शिविर में लगभग 1,000 दिव्यांगों ने अपना पंजीकरण कराया है। शिविर में अस्थि बाधित, श्रवण बाधित और दृष्टि बाधित व्यक्तियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर और कृत्रिम अंग वितरित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, कवर्धा कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव, भारतीय जैन संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
















