ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्यपाल रमेन डेका का आह्वान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने हाल ही में रायपुर जिले की विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सीधे जमीन पर उतरकर आम जनता और योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद स्थापित करें। राज्यपाल के अनुसार, सरकारी योजनाओं की सफलता का फीडबैक लेने और जमीनी हकीकत समझने के लिए लोगों से मिलना अनिवार्य है।
बैठक के दौरान राज्यपाल ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट ग्रीन पालना और प्रोजेक्ट रचना जैसी पहलों की सराहना की।
जल संरक्षण: भविष्य की बड़ी जरूरत
तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ते रायपुर के लिए राज्यपाल ने जल प्रबंधन को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
डबरी निर्माण: ग्राम पंचायत स्तर पर जल संचयन के लिए छोटी डबरियों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। बड़े किसानों को इसके लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि जिले के गिरते भू-जल स्तर में सुधार हो सके।
फसल विविधीकरण: चूँकि धान की खेती में पानी की खपत अधिक होती है, इसलिए किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग: सभी सरकारी भवनों में अनिवार्य रूप से वर्षा जल संचयन प्रणाली (Rainwater Harvesting) स्थापित की जानी चाहिए।
डेटा प्रबंधन: प्रत्येक ब्लॉक में जल स्रोतों का सटीक रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य की रणनीतियाँ डेटा के आधार पर बनाई जा सकें।
हरित छत्तीसगढ़ और आधुनिक खेती
पर्यावरण की रक्षा के लिए राज्यपाल ने वृक्षारोपण को विकास का असली पैमाना बताया। उन्होंने सड़कों के किनारे, अस्पतालों (जैसे एम्स और मेकाहारा) और स्कूलों में सघन वृक्षारोपण का सुझाव दिया। साथ ही, ‘हर घर मुनगा’ परियोजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने निम्नलिखित सुझाव दिए:
नेचुरल फार्मिंग: प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों को आगे लाया जाए और उनके उत्पादों में ‘वैल्यू एडिशन’ पर ध्यान दिया जाए।
हाइड्रोपोनिक्स: भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए खेती की आधुनिक तकनीक ‘हाइड्रोपोनिक्स’ और आधुनिक नर्सरियों को बढ़ावा देने की सलाह दी गई।
ग्रीन पालना: इस योजना के तहत नवप्रसूता महिलाओं को दिए गए पौधों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा
राज्यपाल ने जन स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय रखी:
योग: उन्होंने जनता से अपील की कि योग केवल कक्षाओं तक सीमित न रहे, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए।
यातायात और नशा मुक्ति: सड़कों पर भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण और हेलमेट के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही, समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए सख्त कार्रवाई और जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।
इस समीक्षा बैठक में राज्यपाल की उपसचिव सुश्री निधि साहू सहित जिले के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
















