स्वास्थ्य सेवाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा : मुख्यमंत्री साय के प्रमुख निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और आयुष विभागों के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में नागरिकों को समय पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
दीर्घकालिक स्वास्थ्य अधोसंरचना:
प्रदेश की बढ़ती आबादी और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक जिले के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और नवगठित जिलों में प्राथमिकता से चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया गया है।
दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता:
जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, चिकित्सा उपकरणों के नियमित रखरखाव और समयबद्ध मरम्मत की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि किसी भी उपकरण के अभाव में मरीजों को परेशानी न हो।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (आरसीएच):
गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, पोषण और सुरक्षित संस्थागत प्रसव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को राष्ट्रीय औसत के करीब लाने के लिए विशेष रणनीति पर काम करने को कहा गया है।
दुर्गम क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक परिवहन:
वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन स्थिति के दौरान मरीजों को एम्बुलेंस या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मानवीय संवेदनाएं और शव वाहन सेवा:
अस्पताल में मृत्यु होने की स्थिति में परिजनों को शव वाहन की सुविधा सहजता और समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे दुख की घड़ी में परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सिकल सेल उन्मूलन लक्ष्य:
वर्ष 2047 तक सिकल सेल रोग के पूर्ण उन्मूलन के लिए व्यापक जनजागरूकता, स्क्रीनिंग, आनुवंशिक परामर्श और विवाह पूर्व स्वैच्छिक जांच कार्यक्रमों का विस्तार करने पर जोर दिया गया है।
चिकित्सा शिक्षा का विस्तार:
प्रदेश में वर्तमान में 22 चिकित्सा संस्थान संचालित हैं और 6 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिली है। नर्सिंग और फिजियोथेरेपी कॉलेजों के साथ-साथ एलाइड हेल्थ एजुकेशन के नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ेगी।
त्योहारी सीजन में मिलावट के खिलाफ अभियान:
आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को मिठाइयों, दुग्ध उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच के लिए सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। अमानक या मिलावटी सामग्री मिलने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्य सचिव श्री विकास शील, और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
















