खैर लकड़ी के अवैध कारोबार का पर्दाफाश : मुख्य आरोपी के परिसर से ₹81 लाख नकद जब्त

सारंगढ़-बिलाईगढ़। महासमुंद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के मुड़पार गांव स्थित आरोपी मनीष अग्रवाल के ठिकाने पर सर्च वारंट के साथ दबिश दी। इस छापेमारी में पुलिस को आरोपी के घर से कुल 81 लाख रुपये की बिना हिसाब वाली नकदी बरामद हुई है। बरामद रकम में ₹500 के नोटों की 162 गड्डियां (कुल 16,200 नोट) शामिल हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
फर्जी दस्तावेज और लकड़ी की तस्करी
यह पूरा मामला पिथौरा वन परिक्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ लगभग 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के गैर-कानूनी परिवहन के लिए फर्जी एनओसी (NOC) और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महासमुंद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी और कूटरचना से जुड़ी धाराओं, आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम के तहत अपराध पंजीकृत कर जांच शुरू की है।
संपत्ति कुर्की और विस्तृत जांच की तैयारी
कुर्की की प्रक्रिया: पुलिस ने बरामद ₹81 लाख की राशि को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए धारा 107 के अंतर्गत कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी है।
नेटवर्क की तलाश: फर्जी कागजात तैयार करने वाले गिरोह और इस अवैध परिवहन से जुड़े अन्य संदिग्धों की धरपकड़ के लिए दायरा बढ़ाया जा रहा है।
विभाग की जांच: इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ी के अवैध परिवहन को लेकर वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जांच में यदि किसी विभागीय कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।
















