बालोद में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का असर : 9 साल के दिव्यांग बालक को 2 घंटे में मिला मेडिकल सर्टिफिकेट, कैलिपर का भी हुआ नाप

बालोद। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ ने बालोद जिले के एक नौ वर्षीय बालक दीपेश कुमार और उसके परिवार की जिंदगी में बड़ी राहत पहुंचाई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित ‘दिव्यांगजन सहयोग कार्यक्रम’ के तहत लगाए गए विशेष शिविर में बालक को मात्र 2 घंटे के भीतर दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
खेलते समय हादसे का शिकार हुआ था बालक
डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम लुरकाझर का रहने वाला दीपेश लगभग एक साल पहले खेलते समय गिर गया था, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आ गई थी। लंबी चिकित्सीय देख-रेख और इलाज के बाद भी वह पूरी तरह ठीक नहीं हो सका और चलने-फिरने में असमर्थ हो गया। पिछले एक वर्ष से परिजन दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशान हो रहे थे, लेकिन आवागमन की कठिनाइयों के कारण काम अटका हुआ था।
शिविर में मिली त्वरित सहायता
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ग्रामीणों के लिए मुफ्त परिवहन बस की व्यवस्था की गई थी, जिसके माध्यम से दीपेश और उसके परिजन आसानी से शिविर स्थल तक पहुंचे। शिविर में तैनात मेडिकल बोर्ड के डॉक्टरों ने प्राथमिकता के आधार पर दीपेश की जांच की और सभी स्वास्थ्य औपचारिकताएं तेजी से पूरी करते हुए 2 घंटे में प्रमाण पत्र सौंप दिया। इसके अलावा, उसे भविष्य में चलने-फिरने में आसानी हो, इसके लिए डॉक्टरों ने मौके पर ही कैलिपर का नाप भी लिया।
परिजनों ने जताया प्रशासन का आभार
एक ही स्थान पर इतनी जल्दी समाधान मिलने से दीपेश के परिवार की लंबी चिंता दूर हो गई। प्रशासन की इस त्वरित और संवेदनशील कार्यप्रणाली से खुश होकर परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
















