बालोद के जगतरा में तेंदुए का आतंक : रेस्क्यू के दौरान पिंजरे से बच निकला शिकारी, दहशत में ग्रामीण

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के जगतरा गांव में शुक्रवार की सुबह भारी अफरा-तफरी का माहौल रहा। एक तेंदुआ, जो घंटों से कुएं में फंसा हुआ था, रेस्क्यू के दौरान अचानक बाहर निकलकर बस्ती की ओर दौड़ पड़ा। खूंखार शिकारी को अपनी ओर आता देख ग्रामीण जान बचाने के लिए बदहवास होकर भागने लगे; डर का आलम यह था कि कुछ लोग सुरक्षा के लिए पास के तालाब में कूद गए।
पाइप के सहारे टिका था तेंदुआ
बताया जा रहा है कि तेंदुआ प्यास बुझाने की कोशिश में शायद कुएं में गिर गया था और करीब 6 घंटे तक पानी में संघर्ष करता रहा। थक जाने के बाद उसने कुएं के भीतर मोटर पाइप को पकड़ लिया और उसी के सहारे खुद को डूबने से बचाए रखा। सुबह जब कुएं का मालिक वहां पहुंचा, तो तेंदुए को देख उसके होश उड़ गए और देखते ही देखते पूरे गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन और लापरवाही के आरोप
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग ने जेसीबी मशीन और एक खाट (खटिया) की मदद से तेंदुए को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की।
घटनाक्रम: जैसे ही खाट के जरिए तेंदुए को कुएं के मुहाने तक लाया गया, उसने छलांग लगा दी।
भगदड़: पिंजरे या ट्रेंकुलाइज गन की कमी के कारण तेंदुआ सीधा भीड़ की ओर भागा, जिससे वहां भगदड़ मच गई।
ग्रामीणों का आक्रोश: ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बिना बेहोश किए तेंदुए को बाहर निकालना एक बड़ी लापरवाही थी, जिससे ग्रामीणों की जान जोखिम में पड़ गई।
विशेषज्ञ की राय: भीषण गर्मी के चलते जंगलों में जल स्रोत सूख रहे हैं। यही कारण है कि जंगली जानवर पानी की तलाश में रिहाइशी इलाकों का रुख कर रहे हैं।
तेंदुआ फिलहाल गांव से निकलकर पास के खेतों या जंगल की ओर ओझल हो गया है। वन विभाग की टीम पदचिह्नों के आधार पर उसकी तलाश कर रही है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने मुनादी कराकर ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को घरों के भीतर रहने की सख्त हिदायत दी है।
















