केंद्र की जन-सुरक्षा योजनाओं से सशक्त हो रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा है कि वर्ष 2015 में शुरू की गई तीन प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाएं—प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और अटल पेंशन योजना (APY)—आज गरीब और मध्यम वर्ग के लिए सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार बन चुकी हैं। इन योजनाओं ने सफलतापूर्वक अपने 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं, जो देश के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि मध्यप्रदेश सरकार बैंकिंग संस्थानों और डाकघरों के सहयोग से इन योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचा रही है, जिससे लाखों परिवारों को एक ‘सुरक्षा कवच’ प्राप्त हुआ है।
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY): संकट में परिवार का सहारा
यह योजना किसी भी कारण से मृत्यु होने की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान करती है।
पात्रता: 18 से 50 वर्ष की आयु के बैंक खाताधारक।
सुरक्षा: मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये का कवर।
प्रीमियम: मात्र 436 रुपये वार्षिक (ऑटो-डेबिट सुविधा के साथ)।
उपलब्धि: अप्रैल 2026 तक देश में 27.43 करोड़ से अधिक लोग इससे जुड़ चुके हैं। विशेष रूप से 12.72 करोड़ महिलाओं ने इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है।
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY): दुर्घटना में बड़ा संबल
हादसों के समय गरीब परिवारों को बिखरने से बचाने के लिए यह योजना अत्यंत प्रभावी रही है।
पात्रता: 18 से 70 वर्ष की आयु।
लाभ: दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर 2 लाख रुपये, जबकि आंशिक दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये की सहायता।
प्रीमियम: दुनिया का सबसे सस्ता बीमा, मात्र 20 रुपये प्रति वर्ष।
प्रगति: अब तक 58.09 करोड़ से अधिक नामांकन हो चुके हैं और ₹3,667 करोड़ से अधिक की दावा राशि वितरित की जा चुकी है।
- अटल पेंशन योजना (APY): बुढ़ापे की लाठी
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और कम आय वर्ग के लोगों के लिए यह योजना वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करती है।
पात्रता: 18 से 40 वर्ष की आयु के गैर-आयकरदाता।
पेंशन: 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 से 5,000 रुपये तक की मासिक गारंटीकृत पेंशन।
विशेषता: ग्राहक की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को पेंशन और उसके बाद नामांकित व्यक्ति (Nominee) को पूरी संचित राशि का भुगतान।
सहभागिता: अप्रैल 2026 तक 9.04 करोड़ लोग नामांकित हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या लगभग 49% है।
डिजिटल पारदर्शिता और सरलता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ऑनलाइन जन-सुरक्षा पोर्टल और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब नामांकन और क्लेम (दावा) की प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बिचौलियों के बिना सीधे लाभ प्राप्त कर पा रहे हैं।
उन्होंने अंत में दोहराया कि ये योजनाएं केवल वित्तीय आंकड़े नहीं हैं, बल्कि ‘आत्मनिर्भर और समावेशी भारत’ के निर्माण का संकल्प हैं, जिसे मध्यप्रदेश सरकार पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रही है।
















