2029 तक मध्यप्रदेश बनेगा नशामुक्त राज्य, संगठित अपराध और ड्रग सिंडिकेट का पूरी तरह होगा सफाया : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल (एजेंसी)। केंद्र सरकार के विज़न और दिशा-निर्देशों के अनुरूप मध्यप्रदेश को ड्रग्स, सायबर अपराध और संगठित माफिया से पूरी तरह मुक्त करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर निर्णायक अभियान शुरू कर दिया है। भोपाल में आयोजित एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2029 तक राज्य को पूरी तरह ‘नशामुक्त मध्यप्रदेश’ बनाने के लिए पूरे ड्रग नेटवर्क और सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा।
इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य में कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन और पड़ोसी राज्यों से लगती सीमाओं पर सुरक्षा समन्वय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन मंथन हुआ।
बैठक के मुख्य बिंदु एवं प्रमुख निर्णय:
ड्रग्स व साइबर अपराध पर सख्त कार्रवाई: पुलिस प्रशासन ने अवैध ड्रग्स बनाने वाली 17 गुप्त लैब का भंडाफोड़ किया है। साथ ही अंतर्राज्यीय ड्रग कॉरिडोर, अवैध हथियारों की तस्करी और साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए पड़ोसी राज्यों (यू.पी., राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़) के साथ संयुक्त अभियान चलाया जाएगा।
नए आपराधिक कानूनों के अमल में म.प्र. आगे: राज्य ने 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने में 69% की दर हासिल की है, जो राष्ट्रीय औसत (59%) से काफी बेहतर है। इसके अलावा ई-समन की सीधी डिलीवरी में मध्यप्रदेश देशभर में शीर्ष स्थान पर है।
नक्सल उन्मूलन और विकास योजना: केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से नक्सल समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के चौमुखी विकास के लिए ₹400 करोड़ की विशेष कार्य-योजना लागू की जा रही है।
रोजगार और पुलिस बल का आधुनिकीकरण: सरकारी सेवाओं में भर्तियों की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। वर्ष 2026 में 9,662 से अधिक पदों पर भर्ती जारी है। कई वर्षों बाद पुलिस बैंड में भी 648 नए जवानों की भर्ती कर इसे नए सिरे से सक्रिय किया गया है।
युवा व महिला सशक्तिकरण: वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसके तहत हर विधानसभा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनेगा। वहीं, ‘लाडली बहना’ और ‘लखपति दीदी’ योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया गया है।
केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन और राज्य के मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल सहित केंद्रीय और राज्य पुलिस बलों के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि मध्यप्रदेश को सुरक्षा, शांति और प्रशासनिक दक्षता के मामले में देश का एक ‘मॉडल राज्य’ बनाया जाएगा।
















