छत्तीसगढ़

महतारी वंदन योजना : ₹1,000 की मासिक किस्त से मालती देवी ने खड़ा किया डेयरी व्यवसाय

रायपुर। शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का सही दिशा में इस्तेमाल किस तरह जीवन बदल सकता है, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हितावर ग्राम पंचायत की मालती देवी चौहान हैं। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत मिलने वाले लाभ का बुद्धिमत्ता से उपयोग कर उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

आर्थिक मदद से स्वरोजगार का सफर

राज्य सरकार की ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत मिलने वाली ₹1,000 की प्रतिमाह राशि को मालती देवी ने केवल दैनिक खर्चों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इस धन को आजीविका बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा और पशुपालन के क्षेत्र में कदम रखा। इस छोटी सी बचत और सहायता से उन्होंने धीरे-धीरे अपने काम का विस्तार किया।

वर्तमान में उनके पास 5 दुधारू पशु (3 भैंस और 2 गाय) हैं। इनसे प्राप्त दूध को बेचकर उन्हें नियमित रूप से आमदनी हो रही है। इस आय से न केवल उनके घर का खर्च आसानी से चल रहा है, बल्कि पशुओं के चारे और देखभाल का प्रबंधन भी सुचारू रूप से हो रहा है।

महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की मिसाल

स्थानीय संसाधनों का सही इस्तेमाल करते हुए मालती देवी ने खुद का व्यवसाय स्थापित कर एक नई मिसाल पेश की है। उनका कहना है कि योजना से मिलने वाली निरंतर वित्तीय सहायता ने उन्हें जोखिम लेने और आत्मनिर्भर बनने का साहस दिया।

मालती देवी की यह सफलता दर्शाती है कि योजनागत वित्तीय सहायता यदि कड़ी मेहनत और दूरदर्शिता से जुड़ी हो, तो वह स्थाई स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त करती है। उनका यह प्रयास न केवल ‘सेवा संकल्प अभियान’ के उद्देश्यों को साकार करता है, बल्कि अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार अपनाने की एक बेहतरीन प्रेरणा है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button