सिंचाई क्षेत्र में बड़ा निवेश, 5.20 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का आगाज़

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण बुनियादी ढांचे और जल संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में, प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अम्बिकापुर विधानसभा के उदयपुर विकासखंड में बड़ी सिंचाई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने 520 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले दो प्रमुख जलाशयों और नहरों के जीर्णोद्धार कार्यों का भूमिपूजन किया।
परियोजनाओं का संक्षिप्त विवरण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप, इन कार्यों का मुख्य उद्देश्य जल प्रबंधन को बेहतर बनाना है। आवंटित राशि का विवरण इस प्रकार है:
डांड़गांव जलाशय एवं नहर जीर्णोद्धार: ₹265.99 लाख
पंडरीडांड़ जलाशय एवं नहर जीर्णोद्धार: ₹254.34 लाख
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
सिंचाई क्षमता में वृद्धि: जलाशयों की मरम्मत और नहरों के सुदृढ़ीकरण से खेतों तक पानी की पहुंच सुगम होगी, जिससे किसान साल भर फसल ले सकेंगे।
फसल विविधीकरण: पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसान अब धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों की खेती भी कर पाएंगे, जिससे उनकी आय में स्थिरता आएगी।
सहायक क्षेत्रों को बढ़ावा: बेहतर जल स्तर से केवल खेती ही नहीं, बल्कि मत्स्य पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
पर्यावरण और सामाजिक लाभ
जल संरक्षण की इन कोशिशों का असर स्थानीय जनजीवन पर भी सकारात्मक रूप से पड़ेगा:
भू-जल स्तर में सुधार: जलाशयों के जीर्णोद्धार से वाटर रिटेंशन बढ़ेगा, जिससे क्षेत्र का जल स्तर ऊपर आएगा।
पेयजल सुलभता: जल संकट दूर होने से ग्रामीणों को पीने के साफ पानी के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा, जिससे विशेषकर महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी।
पर्यावरणीय संतुलन: हरियाली बढ़ने और जल संचयन से क्षेत्र की पारिस्थितिकी (Ecology) को मजबूती मिलेगी।
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए इसे विकास की नई दिशा बताया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की यह पहल न केवल कृषि क्षेत्र को सशक्त कर रही है, बल्कि ग्रामीण विकास की नींव को भी मजबूत बना रही है।
















