सुशासन तिहार’ के जरिए ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी नीतियों को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से नारायणपुर जिले के ग्राम गोहड़ा (जनपद पंचायत नारायणपुर) में ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत एक विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन के संकल्प को दोहराते हुए, इस शिविर का मुख्य लक्ष्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना और उनकी शिकायतों का त्वरित निराकरण करना था।
प्रशासनिक सक्रियता और निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी सचिव ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए सूचना स्टालों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर शासन की कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम जनता की समस्याओं का समाधान पूरी संवेदनशीलता और निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए, ताकि ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
मौके पर हुआ आवेदनों का निपटारा
शिविर में स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि, महिला एवं बाल विकास और पंचायत विभाग जैसे प्रमुख विभागों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी मांगें और शिकायतें प्रशासन के सम्मुख रखीं। जिला प्रशासन द्वारा अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर लोगों को तत्काल राहत प्रदान की गई।
दिव्यांगजनों को मिला सहारा
इस आयोजन की एक प्रमुख उपलब्धि समाज कल्याण विभाग द्वारा किया गया दिव्यांगों का सहायता वितरण रहा। शिविर में जरूरतमंद दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर प्रदान की गई। आधुनिक व्हीलचेयर पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई और उन्होंने शासन की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया।
इस शिविर ने एक बार फिर सिद्ध किया कि यदि प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचे, तो विकास की राह और भी सुगम हो जाती है।
















