छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 : ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की नींव, 1.87 लाख करोड़ का विनियोग विधेयक पारित

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.87 लाख करोड़ रुपये का विनियोग विधेयक पारित कर दिया है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत यह बजट राज्य के सर्वांगीण विकास और 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लक्ष्य को समर्पित है। सरकार ने इसे “संकल्प आधारित बजट” का नाम दिया है, जिसमें समाज के हर वर्ग, विशेषकर किसानों और महिलाओं के उत्थान पर ज़ोर दिया गया है।
आर्थिक ढांचा और राजकोषीय अनुशासन
वित्त मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है। बजट के मुख्य वित्तीय बिंदु निम्नलिखित हैं:
कुल बजट आकार: शुद्ध बजट 1.72 लाख करोड़ रुपये का है।
विकास दर: छत्तीसगढ़ की आर्थिक वृद्धि दर 8.11% रही, जो राष्ट्रीय औसत (7.4%) से बेहतर है।
प्रति व्यक्ति आय: राज्य में प्रति व्यक्ति आय में 10.07% की बढ़ोतरी हुई है, जो अब 1,79,244 रुपये पहुंच गई है।
वित्तीय घाटा: राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 2.87% (20,400 करोड़ रुपये) अनुमानित है, जो एक स्वस्थ वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है।
5 नए मिशन और ‘संकल्प’ के सात स्तंभ
राज्य के भविष्य को संवारने के लिए 500 करोड़ रुपये के निवेश से 5 नए महत्वाकांक्षी मिशन शुरू किए जाएंगे:
मुख्यमंत्री एआई (AI) मिशन: तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विस्तार हेतु (100 करोड़)।
मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन: खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए (100 करोड़)।
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन: पर्यटन केंद्रों के कायाकल्प हेतु (100 करोड़)।
मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन: बुनियादी ढांचे के विकास के लिए (100 करोड़)।
मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन: युवाओं को स्वरोजगार और कौशल से जोड़ने हेतु (100 करोड़)।
यह पूरा विजन नीति, अंत्योदय, निवेश, बुनियादी ढांचे, और कुशल मानव संसाधन जैसे सात स्तंभों पर आधारित है।
अन्नदाता और नारी शक्ति को प्राथमिकता
कृषक उन्नति योजना: किसानों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है। सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। इसके अलावा, कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली हेतु 5,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
महतारी वंदन योजना: महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 8,200 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे लगभग 70 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल रही है। वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा।
बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और शिक्षा
बजट में कनेक्टिविटी और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है:
सड़क और पुल: 27,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय से 1,100 से अधिक सड़कों और लगभग 400 पुलों का निर्माण होगा।
स्वास्थ्य: आयुष्मान योजना (1,500 करोड़) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (2,000 करोड़) के जरिए चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
ग्रामीण विकास: प्रधानमंत्री आवास योजना और रोजगार गारंटी के लिए 4-4 हजार करोड़ रुपये सुरक्षित किए गए हैं।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विश्वास जताया कि यह बजट न केवल राज्य की आर्थिक जड़ों को मजबूत करेगा, बल्कि विकास का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक भी पहुंचाएगा। चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ विधायकों ने अपने विचार साझा किए।
















