छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों का दबदबा : 13 छात्रों ने मेरिट सूची में बनाया स्थान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इस वर्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य के आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा संचालित इन स्कूलों के 13 छात्रों ने प्रदेश की टॉप-10 मेरिट सूची में अपनी जगह पक्की की है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खुशी जाहिर करते हुए सभी सफल छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है।
सफलता के मुख्य बिंदु
प्रयास विद्यालयों के छात्रों ने न केवल उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए, बल्कि बड़े निजी शिक्षण संस्थानों को भी कड़ी प्रतिस्पर्धा दी है। प्रदर्शन के मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:
10वीं की बोर्ड परीक्षा: कुल 42 छात्र मेरिट सूची में शामिल हुए, जिनमें से 11 छात्र केवल प्रयास विद्यालयों से हैं। इसमें कु. दीपांशी ने 98.83% अंकों के साथ प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
12वीं की बोर्ड परीक्षा: प्रयास आवासीय विद्यालय, गुढ़ियारी (रायपुर) की 19 छात्राओं ने 90% से अधिक अंक हासिल किए। कोरबा की रागिनी कंवर ने 95% अंकों के साथ विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
विषयवार विशिष्टता: 12वीं में जीव विज्ञान में दो छात्राओं ने 100 में से 100 अंक प्राप्त किए, वहीं 10वीं में गणित विषय में 6 छात्रों ने शत-प्रतिशत अंक हासिल किए।
श्रेणीवार उपलब्धि: 12वीं कक्षा के 128 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं।
क्या है ‘प्रयास’ विद्यालय की अवधारणा?
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुल 17 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इनका मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों और समाज के वंचित वर्गों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को नि:शुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।
विशेष सुविधाएं:
पूरी तरह से नि:शुल्क शिक्षा और आवास।
बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ IIT, NIT, NEET, और JEE जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग।
नैतिक और व्यावहारिक शिक्षा पर विशेष जोर।
नेतृत्व और सराहना
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सफलता प्रमाणित करती है कि ‘प्रयास’ विद्यालयों की परिकल्पना सार्थक सिद्ध हो रही है। आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम और प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने भी इस उपलब्धि को राज्य के लिए गौरव का विषय बताया है।
श्री बोरा ने जानकारी दी कि प्रदेश के कुल 50 मेरिट छात्रों में से 13 अकेले प्रयास विद्यालय के हैं, जो यह दर्शाता है कि यदि सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है। यह मॉडल अब पूरे देश के लिए प्रेरणा का केंद्र बन रहा है।
















