छत्तीसगढ़

भारत की सांस्कृतिक विरासत का पुनरुत्थान : ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शिरकत की। इस विशेष अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात के सोमनाथ मंदिर में की गई पूजा-अर्चना और उनके संबोधन का वर्चुअल माध्यम से अवलोकन किया।

सोमनाथ: भारतीय अस्मिता और संघर्ष का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आज से ठीक 75 वर्ष पूर्व सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का पावन कार्य संपन्न हुआ था। इसी ऐतिहासिक दिन को आज देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है।

उन्होंने मंदिर के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा:

विदेशी आक्रांताओं के अनगिनत हमलों के बावजूद सोमनाथ की आस्था को कभी मिटाया नहीं जा सका।

मंदिर की रक्षा के लिए पुजारियों और श्रद्धालुओं द्वारा दिया गया बलिदान भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।

स्वतंत्रता के पश्चात लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने इसके पुनर्निर्माण का संकल्प लिया, जिसे प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बाद भी साकार किया।

सनातन संस्कृति को मिला वैश्विक गौरव

श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान नेतृत्व में देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को नया सम्मान मिला है। काशी विश्वनाथ धाम से लेकर उज्जैन के महाकाल लोक तक, आज भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों का कायाकल्प हो रहा है।

छत्तीसगढ़ में धार्मिक पर्यटन और आस्था का विकास

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों को साझा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है:

शक्तिपीठ योजना: प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों को इस योजना के तहत विकसित किया जा रहा है।

भोरमदेव का सुंदरीकरण: कबीरधाम के भोरमदेव मंदिर के लिए ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के तहत 148 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

श्री रामलला दर्शन योजना: अब तक राज्य के 40,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

एकजुटता का आह्वान

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और राष्ट्र की एकता को सशक्त बनाने का संकल्प लेने की अपील की।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी अपने विचार रखे और सोमनाथ को भारतीय वैभव का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा और महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित थे।

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