छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में महक उठी आत्मनिर्भरता : लेमन ग्रास की खेती से लखपति बन रहीं ग्रामीण महिलाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक रूप से समृद्ध गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले में ग्रामीण महिलाओं ने आर्थिक स्वावलंबन की एक नई इबारत लिखनी शुरू कर दी है। जिले के पेंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम अमारू में स्वसहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक खेती से हटकर लेमन ग्रास की व्यावसायिक और औषधीय खेती का दामन थामा है, जिससे उनकी जिंदगी में समृद्धि की नई महक फैल रही है।
बीस एकड़ में सामूहिक खेती की पहल
ग्राम अमारू की लगभग 10 महिला स्वसहायता समूहों—जिनमें ज्योति, महामाया, जय संतोषी माता और हनी समूह प्रमुख हैं—ने मिलकर करीब 20 एकड़ भूमि पर लेमन ग्रास उगाने का बीड़ा उठाया है। यह सामूहिक प्रयास सिर्फ फसल उगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों के सही उपयोग और स्थायी आजीविका का एक बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा है।
सुगंधित तेल से खुलेगी बाजार की राहें
लेमन ग्रास एक बेहद उपयोगी औषधीय और सुगंधित पौधा है, जिसके तेल का भारी मांग चाय, इत्र (परफ्यूम) और विभिन्न आयुर्वेदिक व फार्मास्यूटिकल उत्पादों में होती है। अमारू की महिलाएं इस फसल से तेल निष्कर्षण कर उसे सीधे खुले बाजार और औषधीय संस्थानों तक पहुंचाने की तैयारी में हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय इजाफा होने की पूरी उम्मीद है।
सरकारी योजनाओं और बिहान योजना का संबल
केंद्र सरकार के ‘लखपति दीदी’ विजन और छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार की नीतियों के समन्वय से महिलाओं को लगातार गति मिल रही है। ‘बिहान’ योजना के जरिए इन समूहों को 15 हजार रुपये की चक्रीय निधि, 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश निधि और बैंक लिंकेज का बड़ा संबल मिला है। इसी वित्तीय व तकनीकी सहयोग (पादप औषधि बोर्ड की मदद) के बल पर महिलाएं अब लेमन ग्रास के साथ-साथ किराना दुकान, टेंट हाउस, सेंटरिंग व्यवसाय, सब्जी बाड़ी और पशुपालन जैसे अन्य स्वरोजगार से भी जुड़ चुकी हैं।
आत्मविश्वास से भरी एक नई सुबह
कभी घर की चारदीवारी और सीमित आय तक सिमटी रहने वाली ये ग्रामीण महिलाएं आज आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं और अपने परिवार की मुख्य ताकत बन रही हैं। अमारू की महिलाओं की यह मेहनत इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा, सरकारी सहयोग और मजबूत इच्छाशक्ति मिले तो ग्रामीण छत्तीसगढ़ की तस्वीर तेजी से बदल सकती है। लेमन ग्रास की यह खुशबू अब केवल खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के बुलंद हौसलों और एक समृद्ध भविष्य की नई पहचान बन चुकी है।
















