पर्यावरण और परंपरा का अनूठा संगम : जयपुर महापौर को भेंट की गई छत्तीसगढ़ की मनोहर गौशाला में बनी गोबर की माला

रायपुर। जयपुर के श्यामनगर स्थित भिक्षु साधना केंद्र में जैन संत मुनि सुधाकर (आचार्य महाश्रमण के शिष्य) के पावन सानिध्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जयपुर नगर निगम के महापौर सुनील कोठारी को पर्यावरण-अनुकूल गोबर से तैयार एक विशिष्ट माला भेंट की गई।
यह अनोखी माला छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित ‘मनोहर गौशाला’ में निर्मित की गई है, जिसे चेन्नई के प्रसिद्ध श्रावक महावीर बोरा द्वारा महापौर को सौंपा गया। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ती महेंद्र गोयल और न्यायमूर्ती शुभा मेहता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मनोहर गौशाला के ट्रस्टी डॉ. अखिल जैन ने इस दौरान गौशाला की गतिविधियों और वहां किए जा रहे रचनात्मक कार्यों के बारे में जानकारी दी, जिसकी अतिथियों ने मुक्तकंठ से सराहना की।
महापौर सुनील कोठारी ने संतों के सान्निध्य और मार्गदर्शन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद जीवन को सही दिशा प्रदान करता है तथा आध्यात्मिक संवाद से व्यक्ति को मानसिक संबल और नई ऊर्जा मिलती है। कार्यक्रम के अंत में मुनि सुधाकर ने महापौर को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और संदेश दिया कि जीवन में मिलने वाले हर दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी, नैतिकता और निष्ठा के साथ किया जाना चाहिए।
















