सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 : मध्य प्रदेश बनेगा देश का नया चिप निर्माण हब, अक्टूबर में इंदौर में जुटेगी दुनिया

भोपाल (एजेंसी)। भारत को चिप निर्माण और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मध्य प्रदेश एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य सरकार ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ को सफल बनाने में केंद्रीय भूमिका निभाएगी। इसी कड़ी में 23 और 24 अक्टूबर को इंदौर में “एमपी सेमीकंडक्टर समिट 2026” का भव्य आयोजन किया जाएगा।
भोपाल स्थित समत्व भवन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस ग्लोबल समिट के आधिकारिक प्रचार पोस्टर का अनावरण किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला और प्रमुख सचिव एम. सेल्वेन्द्रम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
समिट और राज्य की तैयारियों से जुड़ी मुख्य बातें:
वैश्विक निवेशकों को न्योता: मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं को इस ग्लोबल समिट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।
रोजगार पर ध्यान: राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को हाई-टेक विज्ञान, डेटा सेंटर और चिप डिजाइनिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है।
25 नई नीतियां: पिछले ढाई वर्षों में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 25 पारदर्शी और सरल नीतियां लागू की गई हैं, जिससे निवेश का माहौल बेहतर हुआ है।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य: यह समिट ‘विज़न 2047’ के तहत मध्य प्रदेश को समृद्ध बनाने और भारत को तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत करने का एक हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब देश में चिप बनाने के बारे में सोचा भी नहीं जाता था, लेकिन अब मध्य प्रदेश ने इस दिशा में ठोस और दूरगामी फैसले लिए हैं। राज्य सरकार का दावा है कि इन सुगम नीतियों की वजह से मध्य प्रदेश सबसे कम बेरोजगारी दर और सुरक्षित निवेश के माहौल वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
















