क्यूबा की मदद के लिए आगे आया मेक्सिको, अमेरिकी पाबंदियों के बीच राष्ट्रपति शीनबाम का बड़ा एलान

मेक्सिको (एजेंसी)। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबाम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर क्यूबा के साथ अपनी अटूट एकजुटता दोहराई है। राष्ट्रपति शीनबाम ने स्पष्ट किया है कि गंभीर परिस्थितियों से जूझ रहे क्यूबा को उनका देश लगातार मानवीय सहायता पहुंचाता रहेगा। उन्होंने वैश्विक समुदाय से संकट के इस दौर में क्यूबा का साथ देने की अपील भी की है।
अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन (प्रेस कॉन्फ्रेंस) में शीनबाम ने दोनों देशों के ऐतिहासिक और दोस्ताना संबंधों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मेक्सिको अपनी पूरी ताकत के साथ क्यूबा की जनता की मदद के लिए प्रतिबद्ध है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब अमेरिका द्वारा लगाए गए छह दशक पुराने आर्थिक प्रतिबंध और ज्यादा कड़े होते जा रहे हैं।
राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा: “यह पूरी तरह से एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता और एकजुटता का विषय है। मेक्सिको की जनता का इतिहास हमेशा से मददगार रहा है और हम इस परंपरा को आगे भी निभाएंगे, क्योंकि क्यूबा को इस वक्त वाकई सहायता की दरकार है।”
अमेरिकी हस्तक्षेप पर जताई कड़ी आपत्ति
यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति शीनबाम ने क्यूबा का खुलकर पक्ष लिया हो। इससे पहले मई में भी उन्होंने किसी भी देश के आंतरिक मामलों में बाहरी दखल का विरोध किया था। हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा क्यूबा के पूर्व नेता राउल कास्त्रो के खिलाफ दर्ज किए गए आपराधिक मामले पर भी उन्होंने तीखी असहमति जताई है।
अमेरिकी अदालत ने 94 वर्षीय राउल कास्त्रो पर साल 1996 में एक संगठन के दो विमानों को मार गिराने का आरोप लगाया है, जिस समय वे देश के सशस्त्र बलों के मंत्री थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शीनबाम ने सवाल उठाया कि तीन दशक पुरानी घटना के लिए अब किसी पर आरोप मढ़ने का क्या औचित्य है? वहीं, क्यूबा सरकार का कहना है कि उन विमानों ने बार-बार हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था, जिसके बाद आत्मरक्षा में यह कदम उठाया गया था।
इसके साथ ही मेक्सिको की राष्ट्रपति ने अमेरिका की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि वाशिंगटन अक्सर ड्रग तस्करी जैसे मुद्दों की आड़ लेकर दूसरे संप्रभु देशों के मामलों में दखल देने की कोशिश करता है। उन्होंने साफ किया कि मेक्सिको इस तरह की सोच का कतई समर्थन नहीं करता और अमेरिका के साथ उसके संबंध हमेशा समानता और इतिहास को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ेंगे।
















