सरगुजा में छा रहा सौर ऊर्जा का जादू : ‘सूर्य घर’ योजना से 1,440 से अधिक घरों को मिला भारी बिजली बिलों से छुटकारा

सरगुजा। छग के सरगुजा जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के जरिए स्वच्छ ऊर्जा का प्रसार काफी तेजी से हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के साझा सहयोग से चल रही इस पहल ने स्थानीय नागरिकों को वित्तीय राहत देने के साथ-साथ ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर भी बनाया है। लोग अपने मकानों पर सोलर पैनल लगवाकर न सिर्फ अपनी जरूरत की बिजली पैदा कर रहे हैं, बल्कि बची हुई बिजली ग्रिड को बेचकर कमाई का जरिया भी बना रहे हैं।
विद्युत विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियानों और आसान आवेदन प्रक्रिया की वजह से इस योजना को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
लक्ष्य से कहीं आगे निकले आवेदन आंकड़े
24 जुलाई 2026 तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लिए तय लक्ष्यों के मुकाबले लोगों का रुझान काफी अधिक रहा:
कुल जिला प्रगति: 2,000 संयंत्रों के लक्ष्य के मुकाबले 3,303 आवेदन मिले। इनमें से 3,185 आवेदनों में वेंडर तय हो चुके हैं और 1,441 घरों में पैनल लग भी चुके हैं।
अंबिकापुर (शहरी): 1,000 के लक्ष्य पर 2,021 आवेदन आए। 1,985 के वेंडर चुने गए और 1,136 मकानों में सोलर सिस्टम चालू हो चुका है।
अंबिकापुर (ग्रामीण): 1,000 के लक्ष्य के सामने 1,282 आवेदन प्राप्त हुए। 1,200 वेंडरों का चयन हो चुका है और 305 घरों में संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
उपभोक्ता से उत्पादक बने: विनोद कुमार राय की आपबीती
अंबिकापुर के दर्रीपारा निवासी विनोद कुमार राय बताते हैं कि पहले उनका मासिक बिजली बिल 4,000 से 5,000 रुपये तक आ जाता था, जिससे घरेलू बजट बिगड़ जाता था। इस योजना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाया।
₹1.08 लाख की मिली वित्तीय मदद: पैनल लगाने में कुल ₹2 लाख का खर्च आया। इसमें केंद्र सरकार से ₹78,000 और राज्य सरकार से ₹30,000 यानी कुल ₹1,08,000 की सब्सिडी मिली।
किस्त बनी बेहद आसान: सब्सिडी राशि लोन खाते में जमा होने के बाद मात्र ₹90,000 का लोन बचा, जिसकी किस्त 10 साल तक हर महीने केवल ₹818 आती है—जो पुराने बिजली बिल से बहुत कम है।
बिल हुआ शून्य: अब उनका बिजली बिल न के बराबर या कभी-कभी माइनस में आता है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जाने से उन्हें आर्थिक फायदा भी हो रहा है।
तकनीक से निगरानी और बचत
स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से उपभोक्ता रोज की बिजली खपत और उत्पादन को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं। विनोद कुमार राय ने अन्य नागरिकों से भी 50% से अधिक सब्सिडी का लाभ उठाकर छतों पर सोलर सिस्टम लगाने और पर्यावरण हितैषी बनने का आग्रह किया है।
















