अदृश्य शक्कर का जाल : पैकेज्ड फूड्स खरीदने से पहले न्यूट्रिशन लेबल जांचना क्यों है जरूरी?

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। यदि आप मीठे व्यंजनों, चाय या मिठाइयों से दूरी बनाकर यह सोच रहे हैं कि आप शुगर से पूरी तरह सुरक्षित हैं, तो थोड़ा सावधान होने की आवश्यकता है। कई ऐसे दैनिक खाद्य पदार्थ हैं जो स्वाद में बहुत मीठे नहीं लगते, लेकिन उनमें ‘अतिरिक्त शक्कर’ (Added Sugar) छिपी होती है। सॉस, टोमैटो केचप, पैकेज्ड फ्रूट जूस और फ्लेवर्ड योगर्ट जैसे उत्पाद आपकी जानकारी के बिना शरीर में शुगर का स्तर बढ़ा सकते हैं।
छिपी हुई शक्कर के मुख्य स्रोत
टोमैटो केचप और सॉस: नमकीन या खट्टे स्वाद के बावजूद, इनमें अतिरिक्त शक्कर मिलाई जाती है। केवल एक टेबलस्पून केचप में लगभग 4 ग्राम तक अतिरिक्त शुगर हो सकती है।
पैकेज्ड फ्रूट जूस: डिब्बाबंद जूस में अक्सर फल का फाइबर खत्म हो जाता है और उसमें अतिरिक्त शक्कर जोड़ दी जाती है। पूरा फल खाना जूस पीने से हमेशा अधिक फायदेमंद माना जाता है।
फ्लेवर्ड दही: सादा दही सेहत के लिए बहुत अच्छा है, लेकिन बाजार में मिलने वाले फ्लेवर्ड दही में स्वाद बढ़ाने के लिए काफी मात्रा में मीठा मिलाया जाता है।
हेल्दी स्नैक्स व ब्रेकफास्ट सीरियल: ब्रेकफास्ट सीरियल्स, बिस्किट और ग्रेनोला बार को अक्सर ‘हेल्दी’ बताकर बेचा जाता है, जबकि इनमें भी हिडन शुगर मौजूद होती है।
अत्यधिक शुगर सेवन के जोखिम
अत्यधिक अतिरिक्त शक्कर का सेवन वजन बढ़ाने और मोटापे का कारण बन सकता है। लंबे समय तक असंतुलित आहार लेने से शरीर में अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि हमें दिनभर में ली जाने वाली ‘कुल अतिरिक्त शक्कर’ पर ध्यान देना चाहिए, न कि केवल सामने दिख रही चीनी पर।
प्रतिदिन कितनी फ्री-शुगर है सुरक्षित?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दिनभर की कुल कैलोरी में ‘फ्री शुगर’ का हिस्सा 10% से कम होना चाहिए। उदाहरण के लिए, 2,000 कैलोरी वाली सामान्य डाइट में यह मात्रा अधिकतम 50 ग्राम फ्री शुगर के बराबर होती है। हालाँकि, यह सीमा व्यक्ति की उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर भिन्न हो सकती है।
बचाव के आसान उपाय
केवल पैकेजिंग पर लिखे दावों (जैसे ‘Fit’ या ‘Healthy’) पर भरोसा न करें।
खरीदारी करते समय पैकेट के पीछे सामग्री सूची और ‘Added Sugar’ की मात्रा अवश्य पढ़ें।
प्रोसेस्ड और डिब्बाबंद ड्रिंक्स की जगह प्राकृतिक व ताजे फलों को प्राथमिकता दें।
















