पुरुषों और महिलाओं में यूटीआई (UTI) : वजहें, संकेत, जोखिम और बचाव के आसान तरीके

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) मूत्र मार्ग से जुड़ा एक आम संक्रमण है, जो अधिकांशतः महिलाओं को प्रभावित करता है। हालांकि, यह पुरुषों में भी हो सकता है। यह समस्या तब उत्पन्न होती है जब हानिकारक बैक्टीरिया मूत्र प्रणाली में प्रवेश कर जाते हैं। यदि शुरुआती चरण में इस पर ध्यान न दिया जाए, तो संक्रमण मूत्राशय (ब्लैडर) से बढ़कर गुर्दों (किडनी) तक पहुंच सकता है, जो सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
यूटीआई के प्रमुख लक्षण
मूत्राशय में संक्रमण फैलने पर शरीर में कई तरह की परेशानियां दिखने लगती हैं:
पेशाब में तकलीफ: पेशाब करते समय जलन, चुभन या तेज दुर्गंध आना।
पेशाब का बार-बार आना: बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा होना लेकिन बहुत कम मात्रा में पेशाब होना।
दर्द व ऐंठन: पेट के निचले हिस्से या कमर में दर्द महसूस होना।
किडनी में संक्रमण के संकेत: यदि इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाए, तो पीठ के निचले भाग में तेज दर्द, ठंड के साथ बुखार, जी मिचलाना और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इलाज में देरी से होने वाले नुकसान
समय पर सही इलाज न मिलने पर बैक्टीरिया किडनी को स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं। जिन लोगों को पहले से गुर्दे से जुड़ी बीमारियां हैं, उनमें किडनी फेलियर का जोखिम काफी बढ़ जाता है। गंभीर मामलों में यह संक्रमण रक्त (ब्लड) में मिलकर शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है।
इंफेक्शन होने का कारण और खतरे का दायरा
यह इंफेक्शन मुख्य रूप से ई-कोलाई (E. coli) नाम के बैक्टीरिया से होता है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा है?
जो लोग पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते।
जो बहुत देर तक पेशाब रोककर रखते हैं।
सेक्सुअली एक्टिव लोग।
किडनी स्टोन से पीड़ित मरीज।
डायबिटीज के मरीज: कमजोर इम्युनिटी और यूरिन में शुगर का स्तर अधिक होने के कारण शुगर के मरीजों में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। इसके अलावा, इनका ब्लैडर पूरी तरह साफ न हो पाने से भी यूटीआई का जोखिम बना रहता है।
उपचार और जांच
यूरिन टेस्ट (पेशाब की जांच) के जरिए यूटीआई का आसानी से पता लगाया जा सकता है।
हल्का संक्रमण: अधिक तरल पदार्थ और पानी पीने से कई बार यह अपने आप ठीक हो जाता है।
गंभीर संक्रमण: डॉक्टर इसके लिए एंटीबायोटिक (Antibiotics) दवाएं देते हैं।
किडनी इंफेक्शन: स्थिति गंभीर होने पर मरीज को अस्पताल में भर्ती कर इलाज करने की नौबत आ सकती है।
यूटीआई से बचाव के जरूरी उपाय
भरपूर पानी पीएं: दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें ताकि बैक्टीरिया शरीर से बाहर निकलते रहें।
हाइजीन का ध्यान रखें: शारीरिक संबंध बनाने से पहले और बाद में टॉयलेट जरूर जाएं व प्राइवेट पार्ट्स की सफाई रखें।
पेशाब न रोकें: जब भी पेशाब लगे, तुरंत टॉयलेट जाएं।
केमिकल प्रोडक्ट्स से बचें: प्राइवेट एरिया में किसी भी तरह के सुगंधित स्प्रे या बाथ टब के अधिक इस्तेमाल से परहेज करें।
(नोट: गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों को लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।)
















