रायपुर के अडानी पावर प्लांट में खूनी संघर्ष : मजदूरों की भिड़ंत के बाद पुलिस पर पथराव, टीआई घायल

रायपुर। रायपुर से सटे खरोरा इलाके के रायखेड़ा स्थित अडानी पावर प्लांट में रविवार देर रात हालात बेकाबू हो गए। अवैध शराब की बिक्री और स्थानीय विरोध को लेकर शुरू हुआ विवाद दो राज्यों के मजदूरों के बीच खूनी संघर्ष में बदल गया। हालात को शांत कराने पहुंचे खरोरा थाना प्रभारी और पुलिस बल पर भी उग्र भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
शराब के अवैध कारोबार से भड़का विवाद
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पावर प्लांट परिसर में मजदूरों और सुरक्षा गार्डों के बीच शराब बेचने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। स्थानीय ग्रामीण भी प्लांट के आसपास चल रहे अवैध शराब के कारोबार का लगातार विरोध कर रहे थे। देखते ही देखते यह मामला इतना बढ़ गया कि छत्तीसगढ़ और बिहार के मजदूर गुटों में बंट गए और एक-दूसरे पर हमला बोल दिया।
पुलिस बल और सरपंच की गाड़ी पर हमला
हिंसक झड़प की सूचना मिलते ही खरोरा थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को खदेड़ने और स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन उपद्रवियों ने पुलिस टीम को ही निशाना बना लिया और पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी और कुछ सुरक्षा गार्ड घायल हो गए। बीच-बचाव के लिए पहुंचे रायखेड़ा के सरपंच दिनेश वर्मा भी उपद्रवियों के निशाने पर आ गए, जिससे उनकी गाड़ी के शीशे टूट गए। प्लांट के भीतर भी भारी तोड़फोड़ की गई है।
रायपुर से भेजा गया अतिरिक्त बल, स्थिति नियंत्रण में
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजधानी रायपुर से तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर रवाना किया गया। विधानसभा क्षेत्र के सीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
घटना के बाद से अडानी पावर प्लांट और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्लांट में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बलवा, तोड़फोड़ और पथराव में शामिल उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है, जिसके बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















