विवादित बयानों के आरोपी अमित बघेल ने किया आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के अध्यक्ष ने किया सरेंडर
रायपुर। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल ने आज देवेन्द्र नगर पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया। उनके आत्मसमर्पण के समय पुलिस स्टेशन के बाहर का वातावरण काफी तनावपूर्ण हो गया था। स्टेशन के बाहर जमा लोगों ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और उन्हें सुरक्षित रूप से थाने के अंदर ले जाया गया।
आत्मसमर्पण के बीच माता का देहांत, अंतिम संस्कार की तैयारी
इस बीच, यह दुःखद खबर भी आई है कि अमित बघेल की माताजी का निधन हो गया है। उनका पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम पथरी ले जाया गया है, जहाँ उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। यह उम्मीद की जा रही है कि बघेल कोर्ट में जमानत याचिका दायर करके अपनी माता के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मांगेंगे।
लगभग दो माह से चल रहे थे फरार
आपत्तिजनक टिप्पणी (बयान) के मामले में अमित बघेल करीब दो महीने से फरार चल रहे थे। इस दौरान पूरे राज्य में पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। माता के निधन के बाद, उन्होंने आज आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार से बढ़ा था दबाव
26 नवंबर को, सुप्रीम कोर्ट (सर्वोच्च न्यायालय) ने बघेल की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणी की थी। कोर्ट ने उन्हें अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने और एफआईआर के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया का सामना करने का निर्देश दिया था। न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिलेगी।
12 राज्यों में दर्ज मामले
अमित बघेल के खिलाफ देश के 12 राज्यों में केस दर्ज हैं। सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस उन्हें राज्यों के बीच ले जा सकती है, और अदालत इस प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी।
कोर्ट परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा
आत्मसमर्पण के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कोर्ट परिसर और पुलिस स्टेशनों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। रिमांड की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए भी पूरी तैयारी कर ली गई है।
मूर्ति विवाद और टिप्पणी से पैदा हुआ था विवाद
विवाद की शुरुआत 27 अक्टूबर को हुई थी, जब बघेल ने अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के पूज्य देवता झूलेलाल के संबंध में एक विवादित बयान दिया था। इससे ठीक एक दिन पहले, रायपुर के वीआईपी चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ी गई थी, जिसके बाद क्रांति सेना ने भारी हंगामा किया था और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई थी। मूर्ति तोड़ने के आरोपी को बाद में मानसिक रूप से अस्वस्थ और नशे में पाया गया था।
इन घटनाओं ने राज्य में तनाव बढ़ा दिया था। आज हुए आत्मसमर्पण के बाद, पुलिस हालात पर बारीकी से नज़र बनाए हुए है।
















