छत्तीसगढ़

मतदाता सूची का शुद्धिकरण : नौ राज्यों में वोटर्स की संख्या 1.70 करोड़ कम हुई

रायपुर। भारतीय चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद मतदाता सूची की एक नई तस्वीर सामने आई है। ताजा आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश के नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए जाने के बाद कुल संख्या में 1.70 करोड़ से अधिक की शुद्ध गिरावट दर्ज की गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह संख्या नए जुड़े मतदाताओं और हटाए गए नामों के बीच का अंतर है।

किन राज्यों में कितनी हुई कटौती?

पुनरीक्षण प्रक्रिया से पहले इन नौ क्षेत्रों (गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार) में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 21.45 करोड़ थी, जो अब घटकर 19.75 करोड़ रह गई है।

प्रमुख राज्यों का विवरण:

राज्य/प्रदेश,हटाए गए मतदाताओं की संख्या,वर्तमान कुल संख्या
गुजरात,~68.12 लाख (13.40% की कमी),4.40 करोड़
मध्य प्रदेश,~34.25 लाख,5.39 करोड़
राजस्थान,~31.36 लाख,-
छत्तीसगढ़,~24.99 लाख,-
केरल,~8.97 लाख,-

छोटे राज्यों में गोवा से लगभग 1.27 लाख नाम हटाए गए हैं, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों में भी इसी तरह की कटौती देखी गई है।

नाम हटाने के मुख्य कारण

चुनाव आयोग ने इस छंटनी के पीछे कई तकनीकी और व्यावहारिक कारण बताए हैं:

मृत्यु: सूची में मौजूद मृत व्यक्तियों के नाम हटाना।

स्थानांतरण: जो लोग स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर रहने लगे हैं।

दोहरा पंजीकरण: एक ही मतदाता का नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में होना।

अपात्रता: पात्रता मानकों को पूरा न करने वाले अन्य मामले।

महत्वपूर्ण नोट: आयोग ने दोहराया है कि यह एक सतत प्रक्रिया है। जो पात्र नागरिक छूट गए हैं, वे अभी भी अपना नाम जुड़वाने या सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आगामी चरण और कानूनी चुनौतियाँ

देश के अन्य बड़े राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के आंकड़े इस महीने के अंत तक आने की उम्मीद है। फिलहाल इन राज्यों में पुनरीक्षण का कार्य जारी है।

विवाद: बिहार की तर्ज पर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

अगला लक्ष्य: अप्रैल से इस अभियान का अगला चरण शुरू होगा। अब तक 12 राज्यों में यह कार्य चल रहा है जिसमें लगभग 60 करोड़ मतदाता शामिल हैं। अगले चरण में शेष 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों के 40 करोड़ मतदाताओं को कवर किया जाएगा।

असम में यह प्रक्रिया थोड़ी अलग रही, जहाँ ‘स्पेशल रिविजन’ के माध्यम से 10 फरवरी तक कार्य पूरा कर लिया गया था।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button