छत्तीसगढ़ विधानसभा : जेल से सीधे सदन पहुंचे कवासी लखमा, बजट सत्र में दिखी पक्ष-विपक्ष की आत्मीयता

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आगाज़ हो चुका है। सत्र के पहले दिन का मुख्य आकर्षण पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा रहे, जो लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। सदन के भीतर कवासी लखमा का भाजपा नेताओं—अजय चंद्राकर, रामविचार नेताम और धर्मजीत सिंह—के साथ गले मिलना चर्चा का विषय बना रहा।
राज्यपाल का अभिभाषण और विकास का रोडमैप
सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई, जिसमें उन्होंने सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका खींचा।
नक्सल मोर्चे पर सफलता: पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों ने 532 नक्सलियों को निष्प्रभावी किया है।
स्वास्थ्य सेवा: राजधानी रायपुर में एक अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण की घोषणा की गई।
अधोसंरचना: शहरों में रिंग रोड और खेल के विकास के लिए स्टेडियमों का जाल बिछाया जाएगा।
शिक्षा व संस्कृति: युवाओं के लिए ‘नालंदा लाइब्रेरी’ और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
कवासी लखमा की वापसी: सख्त शर्तों के साथ मिली अनुमति
शराब घोटाले में जेल की सजा काट रहे लखमा को उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद सत्र में भाग लेने की इजाजत दी गई है। हालांकि, उनकी यह भागीदारी कुछ कड़े नियमों के अधीन होगी:
भाषण पर प्रतिबंध: वे सदन में बजट या अन्य मुद्दों पर तो बोल सकते हैं, लेकिन अपने केस से जुड़े किसी भी विषय पर टिप्पणी करने की उन्हें मनाही है।
सीमित आवाजाही: वे केवल विधानसभा परिसर और सत्र तक ही सीमित रहेंगे। उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाने या किसी राजनीतिक गतिविधि में शामिल होने की अनुमति नहीं है।
अनुशासन: उन्हें अपनी हर गतिविधि की जानकारी विधानसभा सचिव को देनी होगी और वे कड़ी निगरानी में रहेंगे।
बजट 2026-27: ‘गुड गवर्नेंस’ पर फोकस
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सदन में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की। वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 24 फरवरी को पेश किया जाएगा। इस बार का बजट निम्नलिखित चार स्तंभों पर केंद्रित रहने की उम्मीद है:
तकनीकी नवाचार (Technology)
मजबूत बुनियादी ढांचा (Infrastructure)
सुशासन (Good Governance)
औद्योगिक विकास (Industry)
इसके अतिरिक्त, पीएम सूर्यघर और आयुष्मान योजना के लिए बड़े वित्तीय प्रावधानों की संभावना है।
आगामी विधायी कार्य
सत्र के दौरान दो महत्वपूर्ण विधेयकों पर राजनीतिक घमासान होने के आसार हैं:
छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026
छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026
फिलहाल, राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
















