भोजपुरी के ‘सुपरस्टार्स’ की जंग : जब रवि किशन और मनोज तिवारी के बीच खिंच गई थी 13 साल लंबी दीवार

नई दिल्ली (एजेंसी)। भोजपुरी सिनेमा के दो दिग्गज, मनोज तिवारी और रवि किशन, आज भले ही एक ही राजनीतिक दल (भाजपा) के झंडे तले खड़े हों, लेकिन उनकी दोस्ती का सफर हमेशा से इतना आसान नहीं था। एक दौर ऐसा भी था जब इन दोनों सितारों के बीच की प्रतिस्पर्धा ने गहरी दुश्मनी का रूप ले लिया था, जो पूरे 13 साल तक चली।
कपिल शर्मा के शो में खुली पुरानी यादें
हाल ही में ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के दौरान इस पुरानी अदावत के कुछ दिलचस्प पन्ने पलटे गए। दरअसल, पिछले एक एपिसोड में मनोज तिवारी ने चुटकी लेते हुए कहा था कि रवि किशन को राजनीति की राह उन्होंने ही दिखाई है।
अब रवि किशन ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में इसका जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि:
मनोज तिवारी उनके जूनियर हैं।
मुंबई की चकाचौंध से लेकर ब्लैक कॉफी के स्वाद तक, मनोज को सब उन्होंने ही सिखाया है।
यहाँ तक कि संसद में बोलने का आत्मविश्वास भी मनोज को उन्हीं से मिला।
बनारस के घाट से शुरू हुआ सफर
रवि किशन ने फिल्म ‘कन्यादान’ की शूटिंग का एक पुराना किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि मनोज तिवारी ने पहली बार बड़े फिल्मी कैमरे का सामना वाराणसी के घाटों पर उनके साथ ही किया था। उस वक्त रवि ही थे जिन्होंने मनोज को फिल्मी दुनिया की बारीकियों से रूबरू कराया था।
क्यों रही 13 साल तक खामोशी?
करियर के शुरुआती शिखर पर इन दोनों कलाकारों के बीच ‘ईगो’ और ‘कॉम्पिटिशन’ इस कदर हावी था कि:
बातचीत बंद: दोनों ने लगभग 13 साल तक एक-दूसरे से एक शब्द भी नहीं बोला।
रास्ता बदलना: यदि किसी इवेंट में पता चलता कि दूसरा सितारा भी आ रहा है, तो एक अपनी राह बदल लेता था।
पर्दे पर हार मानने से इनकार: रवि किशन ने खुलासा किया कि एक फिल्म के दौरान उन्होंने मनोज तिवारी से मार खाने वाला सीन करने से साफ मना कर दिया था। उन्हें डर था कि उनके फैंस उन्हें अपने प्रतिद्वंद्वी से हारता हुआ नहीं देख पाएंगे।
“उस समय हम दोनों ही एक-दूसरे को नीचा नहीं दिखाना चाहते थे। यह केवल हमारे बीच की लड़ाई नहीं थी, बल्कि हमारे प्रशंसकों की उम्मीदों का भी बोझ था।” — रवि किशन
अब दोस्ती की नई पारी
वक्त बदला और पुरानी कड़वाहट अब गहरी दोस्ती में तब्दील हो चुकी है। आज ये दोनों दिग्गज न केवल मंच साझा करते हैं, बल्कि सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे की टांग खींचने का कोई मौका नहीं छोड़ते। चुनावी रैलियों से लेकर फिल्मी पर्दे तक, अब इनकी ‘ब्रोमन्स’ चर्चा का विषय रहती है।
















