मध्यप्रदेश

भारतीय संस्कृति का आधार : मानवता और ‘जियो और जीने दो’ का संदेश

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित ‘बिम्सटेक यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम’ के दौरान युवा प्रतिनिधियों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की प्राचीन गौरवशाली परंपराओं और वैश्विक एकता पर बल दिया।

वैश्विक सहयोग का मंच: बिम्सटेक

मुख्यमंत्री ने बिम्सटेक (BIMSTEC) को बंगाल की खाड़ी से जुड़े सात देशों के बीच सहयोग और संवाद का एक सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत आज दक्षिण एशियाई देशों के लिए स्थिरता, विकास और उम्मीद की एक नई किरण बनकर उभरा है। इस कार्यक्रम में भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे देशों के स्काउट और गाइड प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिन्हें मुख्यमंत्री द्वारा प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।

स्काउट और गाइड: संस्कारों की पाठशाला

डॉ. यादव ने स्काउट और गाइड संगठन की सराहना करते हुए इसे युवाओं में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों को रोपने वाला एक आदर्श मंच बताया। उन्होंने कहा:

यह संगठन युवाओं को राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करता है।

ऐसे आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।

सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर युवाओं का संवाद भविष्य के लिए सुखद है।

मध्यप्रदेश: नदियों और गौरवशाली इतिहास का संगम

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे ‘नदियों का मायका’ बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ का जल संसाधन कई अन्य राज्यों को समृद्ध करता है। इसके साथ ही उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन, न्यायप्रियता और वीरता का स्मरण कराते हुए कहा कि ऐसे ही महान व्यक्तित्वों के कारण भारत की विश्व में एक विशिष्ट पहचान है।

मुख्य बिंदु: इस कार्यक्रम के माध्यम से पड़ोसी देशों के साथ आत्मीय संबंधों को मजबूत करने और सांस्कृतिक विनिमय को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

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