पत्रकारिता और लोकतंत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सराहा पत्रिका समूह का योगदान

भोपाल (एजेंसी)। राजस्थान पत्रिका समूह के संस्थापक स्वर्गीय कर्पूर चन्द्र कुलिश के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जयपुर में आयोजित ‘अखबार और लोकतंत्र’ कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती में समाचार पत्रों की अनिवार्य भूमिका पर प्रकाश डाला।
लोकतंत्र के प्रहरी हैं समाचार पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि एक जीवंत लोकतंत्र में अखबार केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि जनता के सच्चे हितैषी होते हैं। उन्होंने पत्रिका समूह द्वारा पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखने और जन सरोकारों से जुड़ने के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने स्व. कुलिश जी के जीवन को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन किया।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण और पत्रिका की पहल
डॉ. यादव ने भारत की सनातन संस्कृति के संरक्षण पर जोर देते हुए जयपुर में सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए पत्रिका समूह के प्रयासों को वंदनीय बताया। उन्होंने समूह की विकास यात्रा की तुलना गंगा की धारा से करते हुए कहा कि जिस प्रकार गंगा विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए सागर तक पहुँचती है, उसी प्रकार पत्रिका की यह यात्रा भी समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ते हुए निरंतर आगे बढ़ रही है।
प्रमुख विमोचन और विचार
कार्यक्रम के दौरान डॉ. यादव ने स्व. कुलिश द्वारा लिखित दो पुस्तकों, ‘मैं देखता चला गया’ और ‘अमेरिका: एक विहंगम दृष्टि’ के पुनर्प्रकाशित संस्करणों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर अन्य प्रमुख अतिथियों ने भी अपने विचार साझा किए:
ओम बिरला (लोकसभा अध्यक्ष): उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र और संस्कृति पर कई प्रहार हुए, लेकिन इसकी जड़ें हमेशा मजबूत रहीं। पत्रिका ने समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज सरकार तक पहुँचाने का कार्य किया है।
भजनलाल शर्मा (मुख्यमंत्री, राजस्थान): उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र की शक्ति बताया और आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए पत्रिका समूह के अडिग रहने की प्रशंसा की।
गुलाब कोठारी (प्रधान संपादक, पत्रिका समूह): उन्होंने शिक्षा में नैतिक मूल्यों, आध्यात्म और भारतीय परंपराओं को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि नई पीढ़ी आधुनिकता के साथ अपने संस्कारों से भी जुड़ी रहे।
न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी (पूर्व न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट): उन्होंने न्यायपालिका को लोकतंत्र का आधार बताते हुए नागरिकों के मूल अधिकारों की रक्षा में इसकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
इस गरिमामयी समारोह में पत्रिका समूह के निदेशक बी.आर. सिंह, डिप्टी एडिटर भुवनेश जैन सहित पत्रकारिता जगत की कई जानी-मानी हस्तियां और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
















