एमपी विधानसभा में आधी रात को हंगामा : जीतू पटवारी का आरोप, ‘विधायक की सदस्यता छीनने के लिए रात में खुला सचिवालय’

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश की राजनीति में गुरुवार की रात उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अचानक रात 10 बजे विधानसभा सचिवालय पहुँच गए। पटवारी के इस औचक दौरे से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार के दबाव में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द करने की साजिश रची जा रही है, जिसके लिए नियम विरुद्ध तरीके से रात में दफ्तर खोला गया।
सचिवालय में मुख्य सचिव से तीखे सवाल
जीतू पटवारी ने इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी साझा किया है। वीडियो में वे विधानसभा के मुख्य सचिव के कक्ष में दाखिल होते दिख रहे हैं, जहाँ पूर्व विधायक पीसी शर्मा पहले से ही मौजूद थे। पटवारी ने मुख्य सचिव से सीधे सवाल किया कि जब विधायक के पास न्यायालय का ‘स्टे’ (स्थगन आदेश) मौजूद है, तो ऐसी कौन सी आपात स्थिति थी कि सचिवालय को रात के वक्त खोलना पड़ा?
हालाँकि, अधिकारियों की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला और कुछ ही देर में मुख्य सचिव वहां से रवाना हो गए।
‘मोहन सरकार’ पर राजनीतिक गुंडागर्दी का आरोप
विधानसभा परिसर से बाहर आने के बाद जीतू पटवारी ने प्रदेश की मोहन यादव सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली को अलोकतांत्रिक बताते हुए निम्नलिखित बातें कहीं:
संवैधानिक संस्था का दुरुपयोग: विधानसभा सचिवालय जैसी स्वतंत्र संस्था का उपयोग राजनीतिक प्रतिशोध के लिए किया जा रहा है।
निरुत्तर प्रशासन: जब कांग्रेस ने सचिवालय खोलने के औचित्य पर सवाल किए, तो अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था।
आर-पार की लड़ाई: पटवारी ने इसे ‘राजनीतिक गुंडागर्दी’ करार देते हुए कहा कि कांग्रेस इस दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई के खिलाफ पूरी ताकत से संघर्ष करेगी।
कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता को लेकर चल रहे विवाद के बीच विपक्ष इसे सत्ता पक्ष की साजिश बता रहा है, जबकि सरकार की ओर से अभी तक इस देर रात की हलचल पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
















