बंगाल चुनाव : पीएम मोदी का बड़ा दांव, ‘भ्रष्टाचारियों से हिसाब’ और ‘विकास’ को बनाया मुख्य एजेंडा

कोलकाता (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी तेज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्य के विभिन्न हिस्सों में विशाल जनसभाओं को संबोधित किया। पूर्वी मेदिनीपुर में रैली के दौरान पीएम ने ममता सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि बंगाल के खोए हुए स्वाभिमान को वापस लाने और एक ‘विकसित बंगाल’ की नींव रखने के लिए है।
मोदी की ‘छह गारंटी’ और नया चुनावी संकल्प
प्रधानमंत्री ने जनता के सामने अपनी छह प्रमुख गारंटियों को रखा, जो सीधे तौर पर राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था और प्रशासन पर केंद्रित हैं:
भय मुक्त माहौल बनाकर जनता में भरोसा पैदा करना।
भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को जेल की सजा दिलाना।
पिछले अपराधों और भ्रष्टाचार की फाइलों की पुनः जांच।
कानून के माध्यम से हर गलत काम का हिसाब।
राज्य से घुसपैठियों को बाहर निकालना।
सरकारी कर्मियों के लिए 7वें वेतन आयोग को लागू करना।
मत्स्य पालन और रोजगार पर घेरा
पीएम मोदी ने स्थानीय अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल में मछली पालन की अपार संभावनाएं होने के बावजूद राज्य को अन्य प्रदेशों से मछली मंगवानी पड़ रही है। उन्होंने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में सरकार बुनियादी सुविधाएं तक विकसित नहीं कर पाई।
युवाओं के पलायन और नौकरियों में धांधली पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी के शासन में निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में युवाओं के साथ छल हुआ है। हल्दिया जैसे औद्योगिक केंद्रों से युवाओं का दूसरे राज्यों में पलायन करना राज्य के भविष्य के लिए चिंताजनक है।
“पीएम” शब्द से नफरत का लगाया आरोप
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि ममता सरकार केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत और आवास योजना) का नाम केवल इसलिए बदल देती है या उन्हें रोक देती है क्योंकि उनमें ‘प्रधानमंत्री’ शब्द जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक द्वेष के कारण बंगाल के गरीबों और बुजुर्गों को स्वास्थ्य लाभ से वंचित रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्य चुनावी तिथियां:
मतदान: 23 और 29 अप्रैल (दो चरण)
परिणाम: 4 मई 2026
प्रधानमंत्री की ये रैलियां राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं, विशेषकर सुवेंदु अधिकारी के प्रभाव वाले क्षेत्रों और आसनसोल जैसे औद्योगिक बेल्ट में, जहाँ भाजपा अपनी स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करना चाहती है।
















