मध्यप्रदेश में कौशल विकास को नई ऊंचाइयां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के निर्देश

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास की समीक्षा करते हुए युवाओं के लिए भविष्य की नई राहें खोलने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को तत्काल रोजगार से जोड़ना है।
प्रमुख बिंदु: कौशल विकास में मध्यप्रदेश की बढ़त
मुख्यमंत्री ने समत्व भवन में आयोजित बैठक के दौरान विभाग की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया और आगामी लक्ष्यों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए:
रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऐसे नए और आधुनिक कोर्स डिजाइन किए जाएं जो सीधे उद्योगों की मांग से जुड़े हों, ताकि प्रशिक्षण पूरा होते ही युवाओं को नौकरी मिल सके।
आईटीआई ग्रेडिंग में शानदार प्रदर्शन: केंद्र सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय ग्रेडिंग में मध्यप्रदेश ने 5वां स्थान हासिल किया है। विशेष रूप से प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई ने 10 में से 9 से अधिक (9+) स्कोर प्राप्त कर अपनी गुणवत्ता सिद्ध की है।
नामांकन में देश में अव्वल: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत मध्यप्रदेश 11,400 प्रशिक्षणार्थियों के नामांकन के साथ देश में पहले स्थान पर रहा है।
डेयरी और कृषि क्षेत्र से जुड़ेंगे युवा
डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को ‘स्किल कैपिटल’ बनाने के सपने को साकार करने के लिए कई नवाचारों पर जोर दिया:
डेयरी विकास: राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर दुग्ध उत्पादन गतिविधियों में युवाओं को शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना: वर्तमान में लगभग 20 हजार युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं, जिसे मुख्यमंत्री ने दोगुना (40 हजार) करने का लक्ष्य दिया है।
कृषि वर्ष 2026: इस वर्ष होने वाली विभिन्न कृषि गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे।
तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण आंकड़े
बैठक में साझा किए गए डेटा राज्य में हो रहे व्यापक बदलावों को दर्शाते हैं:
क्षेत्र, उपलब्धि/विवरण
ग्लोबल स्किल पार्क (भोपाल),”इस वर्ष 3,000 प्रशिक्षणार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य।”
स्वरोजगार,1 लाख 32 हजार युवाओं को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में मदद मिली।
आईटीआई सीटों में वृद्धि,”शासकीय आईटीआई में 3,484 सीटें बढ़ाई गईं, अब कुल सीटें 52,248 हैं।”
युवा संगम (2025-26),2 लाख 68 हजार से अधिक आवेदकों को योजना का लाभ मिला।
मुख्यमंत्री ने रिलायंस, ट्राइडेंट और जिंदल जैसे बड़े औद्योगिक समूहों के साथ मिलकर युवाओं को प्रशिक्षण दिलाने और धार जिले के सरदारपुर जैसे केंद्रों में चल रहे मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन कोर्स की भी सराहना की। राज्य में ‘पीएम सेतु’ के तहत 20 हब और 81 स्पोक आईटीआई का उन्नयन भी सफलतापूर्वक किया गया है।
















