आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हुए मुख्यमंत्री साय : रायपुर के श्रीराम मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित प्रतिष्ठित श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कथावाचक श्री हिमांशु कृष्ण भारद्वाज के मुखारविंद से प्रवाहित हो रही ज्ञान की सरिता में डुबकी लगाते हुए मुख्यमंत्री ने व्यास पीठ का आशीर्वाद लिया। इस भक्तिमय वातावरण में उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की मनमोहक ‘माखनचोरी’ लीला के प्रसंगों का आनंद लिया और प्रदेश की जनता की खुशहाली व प्रगति के लिए प्रार्थना की।
सत्य और सेवा ही जीवन का आधार: मुख्यमंत्री
कथा के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने जीवन के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डाला। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
कर्म ही पूजा: मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत हमें सिखाती है कि अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना ही ईश्वर की सच्ची भक्ति है।
परोपकार की भावना: उन्होंने जोर देकर कहा कि मानव जीवन अत्यंत अनमोल है, और इसकी सार्थकता दूसरों की सेवा करने में ही निहित है।
आध्यात्मिक विरासत: छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल और माता कौशल्या की भूमि बताते हुए उन्होंने दंडकारण्य (अबूझमाड़) और शिवरीनारायण के धार्मिक महत्व को रेखांकित किया।
प्रदेश की प्रगति और सांस्कृतिक संरक्षण
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर भी चर्चा की:
नक्सलवाद पर प्रहार: उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि ईश्वरीय आशीर्वाद और दृढ़ संकल्प से राज्य अब नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है।
श्री रामलला दर्शन योजना: राज्य के लगभग 42,000 श्रद्धालु अब तक अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। साथ ही, हजारों बुजुर्गों को विभिन्न तीर्थस्थलों की यात्रा कराई गई है।
धर्मांतरण पर रोक: अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए सरकार ने कठोर ‘धर्म स्वातंत्र्य कानून’ लागू किया है, ताकि राज्य की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे।
गौ-सेवा का संकल्प: गौवंश के संरक्षण के लिए ‘सुरभि गौधाम योजना’ के माध्यम से चारे और उचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
गरिमामयी उपस्थिति
इस आध्यात्मिक आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल और अन्य कैबिनेट सहयोगियों सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन बांके बिहारी जी की भव्य आरती और मुख्यमंत्री द्वारा किए गए पूजन के साथ हुआ।
















