देवास पुलिस की ‘पुलिस चौपाल’ को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार : सामुदायिक पुलिसिंग का बना नया मॉडल

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश पुलिस के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। देवास जिला पुलिस द्वारा शुरू की गई अभिनव पहल “पुलिस चौपाल” को वर्ष 2025 के लिए ‘सीएम एक्सीलेंस (इनोवेशन) अवार्ड’ से नवाजा गया है। सिविल सेवा दिवस के अवसर पर भोपाल स्थित आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित एक भव्य समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह की मुख्य झलकियाँ
इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री कैलाश मकवाणा सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
देवास पुलिस की इस मुहिम को नागरिक सेवा, सूचना प्रौद्योगिकी और सुशासन की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ माना गया। इस गौरवशाली उपलब्धि के लिए देवास के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री पुनीत गेहलोत और प्रधान आरक्षक श्री शिवप्रताप सिंह सेंगर को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह और 1 लाख रुपये की सम्मान राशि से पुरस्कृत किया गया।
क्या है ‘पुलिस चौपाल’ और इसकी सफलता के पीछे का गणित?
‘पुलिस चौपाल’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्मार्ट पुलिसिंग का एक ऐसा उदाहरण है जिसने जनता और वर्दी के बीच की दूरी को कम किया है। इस पहल की मुख्य सफलताएँ इस प्रकार हैं:
व्यापक जनसंपर्क: 1 नवंबर 2024 से 28 फरवरी 2026 के बीच जिले में कुल 2,807 चौपालें लगाई गईं, जिनमें करीब 94,393 नागरिकों से सीधा संवाद किया गया।
ऑपरेशन त्रिनेत्रम: सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए तकनीक का सहारा लिया गया। इसके तहत 10,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, जिससे 46 ग्राम पंचायतें और 2 नगर पंचायतें पूरी तरह निगरानी के दायरे में आ गईं।
सायबर सुरक्षा में बड़ी जीत: जागरूकता का ही परिणाम था कि पुलिस ने 214 संभावित डिजिटल अरेस्ट की वारदातों को होने से रोका। साथ ही, सायबर ठगी का शिकार हुए लोगों के लगभग 2.14 करोड़ रुपये वापस दिलाने में सफलता हासिल की।
डिजिटल नेटवर्क: सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए गांव-गांव में 1,100 व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए, जिनसे 22 हजार से अधिक युवाओं को जोड़ा गया।
जमीन पर दिखा बदलाव
इस पहल का असर जिले के अपराध आंकड़ों पर भी सकारात्मक रूप से पड़ा है। ‘पुलिस चौपाल’ के कारण हत्या, छेड़छाड़ और महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में कमी आई है। चोरी की घटनाओं पर लगाम लगी है और चोरी गए माल की बरामदगी (रिकवरी रेट) में काफी सुधार हुआ है।
यह पुरस्कार न केवल देवास पुलिस की मेहनत का प्रमाण है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए बेहतर पुलिसिंग का एक अनुकरणीय उदाहरण भी पेश करता है। समारोह का समापन मध्य प्रदेश पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की प्रस्तुति के साथ हुआ।
















