सुशासन तिहार : छत्तीसगढ़ में सशक्त होतीं ग्रामीण महिलाएं, प्रभावती बनीं मिसाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी नीतियों का असर अब सीधे ग्रामीण इलाकों में दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अगुवाई में आयोजित किए जा रहे ‘सुशासन तिहार 2026’ के माध्यम से न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निपटारा हो रहा है, बल्कि उन्हें रोजगार के नए साधन भी मिल रहे हैं। यह अभियान खासकर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में एक बड़ा मददगार साबित हो रहा है।
इसी कड़ी में, सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम पण्डरीडांड की रहने वाली श्रीमती प्रभावती के जीवन में एक नया मोड़ आया है। सुशासन तिहार के दौरान पशुधन विकास विभाग द्वारा उन्हें बकरी पालन व्यवसाय शुरू करने के लिए 4,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
सरकारी मदद मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए श्रीमती प्रभावती ने बताया कि इस राशि का उपयोग वे बकरी खरीदने के लिए करेंगी। इससे उन्हें अपने ही गांव में जीविका का एक नया जरिया मिलेगा, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
घर बैठे मिल रहा है सरकारी योजनाओं का लाभ
“अब हमें अपनी समस्याओं को लेकर या किसी योजना का लाभ पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। प्रशासन खुद हमारे दरवाजे पर आकर हमारी परेशानियां सुन रहा है और तुरंत उनका समाधान भी कर रहा है।”
— श्रीमती प्रभावती
प्रभावती ने ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के इस प्रयास के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का दिल से आभार व्यक्त किया।
जनता के द्वार तक पहुँचा प्रशासन
सुशासन तिहार के तहत जगह-जगह जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों की वजह से ग्रामीणों के समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है। विभिन्न विभागों की योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक पहुंचने से सरकार और आम नागरिकों के बीच का भरोसा और मजबूत हुआ है।
श्रीमती प्रभावती की यह सफलता कहानी इस बात का प्रमाण है कि सुशासन तिहार ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वावलंबन का एक सशक्त जरिया बन चुका है।
















