सरकारी योजनाओं के संगम से बदला जीवन : शंभू बारी के परिवार को मिला पक्का आशियाना और आर्थिक संबल

पीएम आवास, भूमिहीन मजदूर कल्याण और महतारी वंदन योजना का मिला एक साथ लाभ; सरगुजा का परिवार हुआ सशक्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी नीतियां ग्रामीण क्षेत्रों में ज़रूरतमंदों के जीवन को संवारने का काम कर रही हैं। इसका एक प्रत्यक्ष प्रमाण सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पथरापारा में देखने को मिलता है, जहाँ शंभू बारी और उनके संयुक्त परिवार की ज़िंदगी में कई योजनाओं के एकीकृत लाभ से खुशहाली आई है।
12 से 14 सदस्यों वाले शंभू बारी के परिवार के पास पहले न तो अपनी ज़मीन थी और न ही कोई स्थायी मकान। राज्य सरकार द्वारा ज़मीन उपलब्ध कराए जाने के बाद, ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ के तहत उनके परिवार के तीन सदस्यों के लिए पक्के मकान स्वीकृत हुए। इससे वर्षों पुराना सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाने का सपना हक़ीक़त में बदल गया।
आवास के साथ-साथ परिवार को आर्थिक संबल भी मिल रहा है:
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना: इस योजना के ज़रिए परिवार को हर साल ₹10,000 की वित्तीय मदद मिलती है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं, इलाज और आकस्मिक खर्चों को आसानी से पूरा कर पा रहे हैं।
महतारी वंदन योजना: शंभू बारी की पत्नी को हर महीने ₹1,000 की राशि मिल रही है, जिससे घरेलू राशन, बच्चों की पढ़ाई और अन्य छोटी-मोटी ज़रूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
विभिन्न योजनाओं के इस समन्वित प्रभाव से परिवार की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ हुई है और उनके जीवन में एक नया आत्मविश्वास आया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए शंभू बारी ने कहा कि राज्य सरकार की ये योजनाएं सचमुच अंतिम पंक्ति के लोगों के जीवन में नई उम्मीद और स्थिरता ला रही हैं।
















