छत्तीसगढ़

नया आशियाना, नया विश्वास : पीएम आवास योजना से संवरी चंद्रदेव की जिंदगी

सूरजपुर। कच्चे मकान की असुरक्षा और हर साल बारिश के मौसम में छत से टपकते पानी की चिंता के बीच जिंदगी बसर करना सूरजपुर जिले के चंद्रदेव के लिए एक मजबूरी बन चुका था। खेती और मजदूरी के भरोसे किसी तरह परिवार की गाड़ी खींचने वाले चंद्रदेव के पास इतनी जमापूंजी नहीं थी कि वे खुद का एक पक्का मकान खड़ा कर सकें। लेकिन केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ ने उनके जीवन की इस सबसे बड़ी बाधा को दूर कर दिया है।

सालों से जिस पक्के घर की चाहत चंद्रदेव के मन में दबी हुई थी, वह सरकारी मदद से अब हकीकत में बदल चुकी है। स्थानीय ग्राम पंचायत के जरिए आवेदन करने के बाद जब उनका नाम इस योजना के लाभार्थियों की सूची में आया, तो उनके सपनों को जैसे नए पंख मिल गए। शासन की ओर से मिली किस्तों और उचित दिशा-निर्देशों की बदौलत कुछ ही महीनों के भीतर उनका अपना पक्का मकान बनकर तैयार हो गया।

नए घर की चाबी हाथ में आने के बाद चंद्रदेव के परिवार का खुशी ठिकाना नहीं रहा। गृह प्रवेश के दिन पूरे परिवार ने अपने नए आशियाने को बेहद चाव से सजाया। आज स्थिति यह है कि परिवार को न तो खराब मौसम का डर सताता है और न ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के माहौल की कोई फिक्र है।

अपनी खुशी जाहिर करते हुए चंद्रदेव बताते हैं कि एक पक्का घर उनके परिवार की सबसे बड़ी जरूरत थी, जिसे इस योजना ने पूरा किया है। इस घर ने उन्हें सिर्फ छत ही नहीं दी, बल्कि समाज में एक नया सम्मान और आत्मविश्वास भी दिया है।

देखा जाए तो चंद्रदेव की यह कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि कैसे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ग्रामीण इलाकों के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला रही है। यह योजना महज ईंट-गारे के मकान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जरूरतमंदों को एक सुरक्षित, गरिमापूर्ण और उज्जवल भविष्य की गारंटी दे रही है।

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